भ्रष्ट महिला अधिकारी वर्दी का नाजायज फायदा उठा रही है : संतोष यादव

फरीदाबाद : अभी हाल ही में प्रवासी नेता संतोष यादव और सारन थाने में जगवती महिला पुलिस अधिकारी की बहस हो गई थी जिसमें महिला पुलिस अधिकारी ने संतोष यादव पर अपने कपड़े फाडऩे और थाने में आकर रेप करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाकर हवालात भेजने की बात कही थी। मामला इतना गरम हो गया कि सैकड़ों लोग संतोष यादव के पक्ष में पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंच गए और पुलिस आयुक्त फरीदाबाद से मुलाकात की। इस मामले में पुलिस कमिश्नर ओ पी सिंह ने एसीपी जगपाल को जांच के आदेश दे दिए और सख्त कार्यवाही के आदेश दिए।

संतोष यादव ने कहा कि क्षेत्र में पुलिस गुंडे-बदमासों और नशेडिय़ों को जेल भेज अच्छा काम कर रही है लेकिन जगवती जैसी भ्रस्ट महिला अधिकारी वर्दी का नाजायज फायदा उठा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह उच्च अधिकारियों से सख्त कार्यवाही करवाएंगे और उसे कोर्ट से सजा करवाएंगे।

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्यासी प्रवासी नेता संतोष यादव का नाम जगजाहिर है। संतोष यादव बहुत ही मधुर स्वभाव और गंभीर ब्यक्ति है। लेकिन जिस से भीड़ गए, चाहे वह बड़ा नेता हो या अधिकारी या कोई गुंडा उसे उसके अंजाम तक पहुंचा कर दम लेते हैं।

इस मौके पर सैकड़ों लोग पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुँचे जिसमें आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मबीर भड़ाना, हरिंदर भाटी, रघुवर दयाल, भीम यादव, लोकेश अग्रवाल, दिनेश, अमन गोयल, संजीव कुशवाह, जगदीश नेताजी, सचिन तंवर, महेश पंडित, राम अवतार यादव, ओमप्रकाश, नवीन सलमानी, दिनेश, रेखा, गुड्डी, किरण, गीता, अनिता, सुशील, राणा यादव, पंकज, मनीष, हरिदत्त शर्मा, राजकुमार, अमरजीत कुशवाह, संदीप राव सहित सैकड़ों जनता पहुंची और जल्दी ही जगवती के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने की बात की।

इस मौके पर संतोष यादव ने कहा कि सारन थाने में जगवती काफी समय से तैनात है और ये महिला पुलिस की वर्दी पहने व्यापार कर रही है। श्री यादव ने कहा कि आम लोगों को झूठे रेप में लड़कियों से कंप्लेंड लेकर ब्लैकमेल करती है, मोटे पैसे ऐंठती है। बहुत से लोग इस महिला का शिकार हो चुके हैं लेकिन महिला पुलिस होने का कारण आम जनता आवाज उठाने से डरती है। उनके साथ भी इस महिला पुलिस ने ऐसा ही बर्ताव किया और उन्होंने जिन गुंडे-बदमासों पर मुकदमा दर्ज करवाया उन्हीं की बहन जिसमें एक हमारे छोटे भाई की बहू जो पिछले चार साल से अलग रहती है उससे भी झूठी कंप्लेंड लेकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की, जिसमे जगवती कामयाब नहीं हो पाई और कई बदमाशों जिसमें मोहित बैंसला के मुकदमें को भी वापिस लेने का दबाव बनाया जो उन्होंने नहीं लिया तो खुद का ही झूठा आरोप थाने में लगाने लगी।

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