मिशन जागृति की जो पीली यूनिफोर्म है उसके कारण सभी स्वयंसेवक पीताम्बर लगते हैं : सीमा त्रिखा

फरीदाबाद : सामाजिक संस्था मिशन जागृति ने अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी दिवस के अवसर पर अपने स्वयंसेवियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे बढख़ल विधानसभा की विधायका सीमा त्रिखा मौजूद रही। विशिष्ट अतिथि मुनेश शर्मा, कविंदर चौधरी, पंकज शर्मा, सत्यनारायन, श्रीनिवास, राकेश खटाना, मनीष त्यागी मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि सीमा त्रिखा ने कहा कि फरीदाबाद में यदि कहीं स्वयंसेवक सेवा करते हुए दिखते हैं तो वो हैं मिशन जागृति। इस संगठन के सेकड़ों सेवक पूरे फऱीदाबाद में अपनी एक खास पहचान रखते है। उन्होने कहा कि नि:स्वार्थ भाव से यथासंभव जरूरतमंद की मदद करना, सेवा करना हमारे संस्कारों की पहचान कराता है। तन, मन और वचन से दूसरे की सेवा में तत्पर रहना स्वयं इतना बड़ा साधन है कि उसके रहते किसी अन्य साधन की आवश्यकता ही नहीं रहती। क्योंकि जो व्यक्ति सेवा में सच्चे मन से लग जाएगा उसको वह सब कुछ स्वत: ही प्राप्य होगा जिसकी वह आकांक्षा रखता है।

उन्होंने आगे कहा कि मिशन जागृति कि जो पीली यूनिफोर्म है उसके कारण ये सभी पीताम्बर लगते हैं, तो कोई इन्हे येलो ब्रिगेड कहते हैं और पीला रंग खुशहाली, सक्रियता, संजिदगी, सामथ्र्य, हर्षोल्लास, प्रसन्नता, समाजिकता आदि का प्रतीक है। यह अपकी बौद्धिकता को बढ़ाने में भी मददगार हो सकता है। सीमा त्रिखा ने कहा कि वह पिछले कई सालों से देख रहीं हैं कि मिशन जागृति के वॉलंटियर बिना रुके, बिना थके, निस्वार्थ भाव से सामाजिक कामों में जुटे रहते हैं। आज अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी दिवस के अवसर पर मुझे ये अवसर मिला कि मैं इनके कामों के कारण सभी का सम्मान कर सकूं ये मेरे लिए बहुत खुशी की बात है।

अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी दिवस के अवसर पर मुकेश अग्रवाल, रजेंदर, रानी, कुसुम, मोनिका, खुशभू, शलिनी, मीता, रेखा श्रीवास्तव, सुनीता चन्ना, बिनु, दिव्या अग्रवाल, सुदेश भल्ला, रिंकू, साधना, रोजी दुग्गल, सरिता चौधरी, आशीष राठोर, रेणु शर्मा, सोनल मान, शुबलेश मलिक, संजय पाल, अनिल चौहान, अरुणा चौधरी, गीता आलोक, सचिन खनदुजा, दीपा सहदेव, रजेंदर नागर, पिस्ता चौधरी, सुष्मिता भौमिक, विकास कश्यप, विपिन भारद्वाज, प्रभा सोलंकी, भावना चौधरी, दिनेश सिंह, गुरमीत सिंह, राजेश भूटिया, सुनीता रानी, संतोष अरोड़ा, रूपा, हरीश आहूजा, अर्जुन गौड़, हेमंत बरुआ, अशोक भटेजा, लता सिंघला, दिनेश राघव, गुरनाम सिंह, विपिन शर्मा, नीलम शर्मा, निर्दोष, महेश आर्य और विवेक गौतम को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुनेश शर्मा ने कहा कि दूसरों के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का भाव रखना ही जीवन में कामयाबी का मूलमंत्र है। नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा से किसी का भी हृदय परिवर्तन किया जा सकता है। इसीलिए मिशन जागृति के वॉलंटियर ने लोगो के दिलों में अपना एक खास स्थान बना लिया है। मुनेश ने कहा कि हमें अपने आचरण में सदैव सेवा का भाव निहित रखना चाहिए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित होते हुए कामयाबी के मार्ग पर अग्रसर हो सकें।

इस अवसर पर मिशन जागृति के संस्थापक प्रवेश मलिक ने कहा कि आज मिशन जागृति की जो पहचान है वह सिर्फ हमारे वॉलंटियर कि सेवा भाव के ही कारण है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि सभी वॉलंटियर से जरूर उनका कोई पुराने जन्मों का नाता रहा होगा जो सभी साथी इतनी शिद्धत से सेवा करते है। इनका कर्ज में कभी भी नहीं उतार सकता हूं। प्रवेश मलिक ने बताया कि दुनियाभर में स्वयंसेवकों के योगदान को पहचानने और बढ़ावा देने के लिए हर साल 5 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी दिवस मनाया जाता है। इस दिन स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वयंसेवकों के काम का जश्न मनाया जाता है। इस अवसर पर व्यक्तिगत स्वयंसेवकों और संगठनों दोनों को चिह्नित उन्हें सम्मानित भी किया जाता है।

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