हरियाणा : 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी डाउट्स क्लियर करने आ सकेंगे स्कूल !

हरियाणा ! कोरोना के कारण पिछले 6 माह से बंद राजकीय व प्राइवेट स्कूलों को खोलने के लिए शिक्षा विभाग ने सर्वे कराया है। इसमें 1.46 लाख अभिभावकों से संपर्क किया गया। इनमें से 1.36 लाख ने अपना रिस्पांस दिया है। इसमें से 1.14 लाख अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में हैं। बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं, जबकि 22 हजार अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में नहीं हैं। वे अपने बच्चों को कोरोना जैसी महामारी को ध्यान में रखते हुए स्कूल नहीं भेजना चाहते। अबकी बार शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के अभिभावकों को भी सर्वे में शामिल किया है। इसमें 9751 अभिभावकों से बात की गई, इनमें से 7060 अपने बच्चों को स्कूल भेजने के इच्छुक हैं, जबकि 2591 ने मना कर दिया है। वहीं, कल से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चे डाउट्स क्लियर करने आ सकेंगे।

प्राइवेट स्कूलों में भी अभिभावकों ने दी राय : शिक्षा विभाग के अनुसार सर्वे में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले अभिभावकों ने भी अपनी राय दी है। इसमें 7060 अभिभावकों ने कहा है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने को राजी हैं, जिनका प्रतिशत 73 है, जबकि 2591 अभिभावक स्कूल में बच्चे भेजने को राजी नहीं हैं। यानी 27 फीसदी बच्चों को स्कूल भेजना नहीं चाहते। करनाल में सबसे अधिक 2738, चरखी दादरी में 1768, झज्जर में 1071 अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को राजी हो गए हैं।

अभिभावकों की मर्जी जरूरी : स्कूल 21 सितंबर से नौवीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को अभिभावकों की स्वीकृति के बाद स्वेच्छा से आने की इजाजत प्रदान कर दी है। सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देश 21 सितंबर से सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में लागू होंगे। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलाें में आदेश जारी कर दिए हैं।

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