मशहूर अभिनेत्री कुमकुम का निधन

मुंबई, 28 जुलाई ! गुजरे जमाने की मशहूर अभिनेत्री कुमकुम का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। कुमकुम का असली नाम जैबुन्निसा था। उनकी ननद शहनाज ने बताया कि आयु संबंधी दिक्कतों के चलते बांद्रा स्थित आवास पर पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे उनका निधन हो गया। शहनाज ने कहा, ‘उनको मजगांव कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा।
महान गायिका लता मंगेश्कर ने कुमकुम के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘अभी-अभी मशहूर अभिनेत्री कुमकुम के निधन की खबर मिली। मुझे काफी दुखी हुआ। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।’ अभिनेता जावेद जाफरी और निर्माता नवेद जाफरी ने भी कुमकुम को श्रद्धांजलि दी। जाफरी बंधू के पिता तथा दिग्गज अभिनेता जगदीप ने ‘कभी आर, कभी पार’ गाने में कुमकुम के साथ काम किया था। जगदीप का भी इस महीने की शुरुआत में निधन हो गया था। जावेद ने कहा कि कुमकुम उनके पिता के जरिये परिवार की करीबी मित्र थीं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘एक और मशहूर हस्ती गुजर गई…खुद पर फिल्माए गए शीर्षक गीत ‘आर पार’ से पदार्पण करने के बाद उन्होंने कई फिल्मों में शानदार अभिनय किया। आज उन्होंने अंतिम सांस ली। इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैयही राजिऊन।’
नवेद ने कहा कि कुमकुम के निधन के साथ ही फिल्म जगत ने एक और हीरा खो दिया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं बचपन से उन्हें जानता था। वह हमारी पारिवारिक मित्र, शानदार कलाकार और बेहतरीन इंसान थीं। इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैयही राजिऊन। कुमकुम आंटी की आत्मा को शांति मिले।’ कुमकुम, बिहार के शेखपुरा जिले के हुसैनाबाद से संबंध रखतीं थीं। उन्होंने ‘मिस्टर एक्स इन बॉम्बे’, ‘मदर इंडिया’, ‘कोहिनूर’, ‘उजाला’ और ‘नया दौर’ समेत कई फिल्मों में यादगार अभिनय किया।
कुमकुम ने 1963 में आई पहली भोजपुरी फिल्म ‘गंगा मइया तोहे पियारी चढ़ाईबो’ में भी अभिनय किया था। हालांकि उन्हें ज्यादा लोकप्रियता उन पर फिल्माए गए गीतों से मिली, जिनमें ‘कोहिनूर’ (1960) फिल्म का ‘मधुबन में राधिका नाचे’, ‘आर-पार’ (1954) का ‘कभी आर-कभी पार’ और 1956 में आई ‘सीआईडी’ का गीत ‘यह है बॉम्बे मेरी जान’ शामिल हैं। अभिनेता-निर्देशक गुरु दत्त 1950 के दशक में कुमकुम को फिल्मी दुनिया में लाए थे। उन्होंने ही ‘आर-पार’ गाने में उन्हें मौका दिया था। इसके बाद उन्होंने दत्त की फिल्म ‘प्यासा’ में छोटी सी भूमिका की थी।



