स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की रैप्लिका के जरिए भावी पीढ़ी समझ रही सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को

सूरजकुंड (फरीदाबाद) : 37वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्त-शिल्प मेले में हमारी भावी पीढ़ी सरदार वल्लभभाई पटेल के देश के लिए किए गए योगदान को जान सकें, इसके लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। थीम स्टेट गुजरात की ओर से बड़ी चौपाल के पीछे व आपणा घर हरियाणा पैविलियन के नजदीक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की रैप्लिका स्थापित की गई है। मेले में आने वाले पर्यटक दिनभर इसके साथ सेल्फी लेना नहीं भूल रहे। साथ ही बच्चे सरदार वल्लभ भाई पटेल के इतिहास को भी जान रहे हैं। यहां पर एकता की प्रतीक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की रैप्लिका आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
आगंतुकों का कहना है कि गुजरात जाने का पता नहीं कब समय लगे। ऐसे में एकता की प्रतीक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की रैप्लिका के साथ फोटो खिंचवाने का मौका नहीं चूकना चाहिए। इसके साथ ही बच्चों को भी भारत देश को अखंड बनाने के लिए किए गए पटेल के योगदान की जानकारी मिल रही है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी गुजरात राज्य में केवडिया के पास स्थित है। यह 182 मीटर की विशाल ऊंचाई पर साधू बेट द्वीप पर खड़ी है। यह भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल की महान विरासत को प्रदर्शित कर रही है। मूर्तिकार राम वी सुतार द्वारा तैयार यह प्रोजेक्ट 2018 में जनता के लिए खुला था। वास्तुकला का यह अद्भुत कार्य एकता और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। इसी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की रैप्लिका को यहां सूरजकुंड अंतरराष्टï्रीय मेला में लगाया गया है।

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