मीडिया विद्यार्थियों ने सीखी ग्राउंड रिपोर्टिंग की बारीकियाँ

ग्रामीणों संग सहभोज कर सामाजिक सद्भावना का दिया संदेश

फरीदाबाद 2 जुलाई। जे सी बोस विश्वविद्यालय वाईएमसीए के मीडिया विद्यार्थियों ने फोटोग्राफी एवं डाक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग के लिए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से आदर्श गांव अटाली का भ्रमण किया। छात्रों ने बाबा लाल दास मंदिर, स्टेडियम एवं नशा मुक्ति केंद्र अटाली में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की। ग्रामीणों ने गांव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया। साथ ही बताया कि हमारे गांव में ‘उपकार’ हिंदी फिल्म और ‘चंद्रावल’ हरियाणवी फिल्म की शूटिंग हुयी थी। गांव के मुख्य आकर्षण का केंद्र बाबा लाल दास मंदिर की मान्यता एवं विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। विद्यार्थियों के दल ने ग्रामीणों के साथ सहभोज कर सामाजिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया।

वाईएमसीए के जनसंचार एवं मीडिया तकनीकी विभाग के चेयरमैन डॉ.पवन सिंह के मार्गनिर्देशन में चल रही समर इंटर्नशिप के अंतर्गत मीडिया विद्यार्थियों को प्रेक्टिवल एक्सपोज़र के लिए विभाग समय-समय पर फिल्ड वर्क के लिए भ्रमण कराता है। डॉ पवन ने बताया कि आउटडोर विजिट के दौरान मीडिया के विद्यार्थी फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और फील्ड रिपोर्टिंग का प्रैक्टिकल करते हैं। जे सी बोस विश्वविद्यालय वाईएमसीए के कुलपति प्रो एस के तोमर ने विद्यार्थियों को सफल भ्रमण के लिए बधाई देते हुए शुभकामनाएं दी हैं। श्री तोमर ने छात्रों को भविष्य में व्यावहारिक भ्रमण यात्रा में हमेशा रचनात्मक करते रहने के लिए भी प्रेरित किया।

अटाली में गांव भ्रमण के दौरान मास्टर धर्मबीर ने विद्यार्थियों को सच्ची एवं अच्छी पत्रकारिता करने के लिए अपने उद्बोधन में मीडिया की निष्पक्षता एवं सामाजिक दायित्व की खूब प्रशंसा की। उन्होंने अपने उद्बोधन के दौरान अटाली गांव में ‘उपकार’ हिंदी फिल्म और ‘चंद्रावल’ हरियाणवी फिल्म की शूटिंग के संस्मरण भी सुनाए। समाजसेवी सुदेश और इंद्रजीत इंजीनियर ने बाबा लाल दास मंदिर की मान्यता एवं विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। नशा मुक्ति केंद्र के प्रमुख कर्मबीर ने अपनी ओजस्वी वाणी में विद्यार्थियों को नशा के प्रति जागरूक करते हुए भजन सुनाये। जिसमें …. ”सब पढ़ा पढ़ाया धूल है जिसमें कोई अमल किया नहीं” और शराब की बुराई में गाए गीत के बोल … ”तन-मन-धन और अक्ल चरे तू करती भी खता दारू, फिर भी लोग तुझे पीते क्या कारण बता हमें दारु”।

इस अवसर पर बाबा लाल दास मंदिर अटाली के परिसर में संचालित नशा मुक्ति केंद्र एवं समाज कल्याण समिति के प्रधान मास्टर धर्मबीर, नशा मुक्ति केंद्र प्रमुख कर्मबीर सिंह, सुदेश और इंद्रजीत इंजीनियर समाजसेवी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के समूह का मार्गदर्शन करने वाले वरिष्ठ प्रशिक्षक दुष्यंत त्यागी और प्रोडक्शन सहायक पंकज सैनी को नशामुक्ति पर आधारित पुस्तकें भेंट कर सभी से हर तरह के नशे से दूर रहने का संकल्प भी करवाया।

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