नौकरी का झासा देकर बुलाया थाईलैंड, म्यांमार ले जाकर कराते थे साइबर ठगी का काम, एक आरोपी गिरफ्तार
साइबर थाना सेंट्रल की कार्रवाई

फरीदाबाद- पुलिस प्रवक्ता अनुसार सेक्टर-78, फरीदाबाद वासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बूकि जूलाई 2025 में उसके पास व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें ठगों ने उसकी बेसिक जानकारी ली फिर उसे थाईलैंड में उच्च वेतन पर नौकरी देने का लालच दिया। वह ठगों झांसे में आ गया, ठगों ने उसको On Arrival Visa पर आने को कहा और बाद में वर्क वीजा में बदलाव करवाने बारे कहा। ठगों ने अगस्त 2025 में उसके पास बैकांक का टिकट भेजा और उसे बैकांक आने को कहा। बैकांक पहुंचने के बाद उसे एक गाडी में बैठा कर ले जाया गया। कुछ दुर जाने के बाद गाडी वाले ने उसका फोन छीन लिया, लगातार गाडियां बदलवायी गई और म्यांमार बॉर्डर पर नदी के रास्ते उसे म्यांमार ले जाया गया और जहां पर करीब 15 दिन तक बंधक बना कर रखा गया और साइबर क्राईम का करने के लिए मजबूर किया गया और ना करने पर जान से मारने की धमकी दी गई, उसे साइबर क्राइम के तरीके बताये गये और लोगों को डेटिंग एप के जरिये झांसे में लेकर निवेश के नाम पर साइबर ठगी करवाई। म्यांमार आर्मी द्वारा वहां रैड कर उन्हें वहां से रेस्कू किया गया और भारत भेजा गया। जिस शिकायत के आधार पर साइबर थाना सैंट्रल में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस तकनीक सहायता से एक आरोपी का पता किया तथा उसकी LOC जारी करवाई और फिर 29 जनवरी को साइबर थाना सैंट्रल की टीम ने मुम्बई एयरपोर्ट से आरोपी आकाश महादेव भानवसे वासी करयाले, सोलाहापुर महाराष्ट्र को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आकाश महादेव भानवसे नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के डाटा इकट्ठा करता और फिर उनसे बात कर थाईलैंड में उच्च वेतन पर नौकरी दिलवाने का लालच देता। जिसके बाद पीड़ित को वीजा और टिकट उपलब्ध कराई जाती और उनको थाईलैड बुलाते, जहां से पीड़ितों को बंधक बना कर म्यांमार ले जाया जाता था और जबरन ठगी का काम करवाया जाता था। जिसको पूछताछ के बाद माननीय अदालत में पेशकर जेल भेजा गया है।



