Shri Dharmik Leela Committee Faridabad : कहा इक बार जो अंतिम मेरा वचन होगा, कसम है राम की दशरथ नहीं मिथ्या वचन होगा

फरीदाबाद । श्री धार्मिक लीला कमेटी 5 नम्बर एम ब्लॉक एन आई टी फरीदाबाद के निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि कल रात हमारी रामलीला में राम बनवास हुआ। कल सबसे पहले अयोध्या में राम बारात वापिस आती है जिसका स्वागत बडखल विद्यायक धनेष अदलखा ने किया तथा प्रभूराम के चरण छूकर उनका आर्शिवद लिया।
निर्देशक हरीश आज़ाद ने बताया कि रामलीला का सबसे बेहतरीन दृश्य कैकेई व दशरथ संवाद होता जिसका कला के पुजारी बेसर्बी से इंतज़ार करते हैं। प्रथम दृश्य में गुरू वशिष्ठ की आज्ञा से महाराज दशरथ राम को राजतिलक की घोषणा करते हैं गुरू वशिष्ठ के रोल में संचित व दशरथ के किरदार में पंकज खरबंदा ने निभाये। अगले दृश्य में मंथरा कैकेई को भडक़ाती है कि राम को राजा बनाया जा रहा है और राम के राजा बनते ही भरत राम का दास बन जायेगा। मंथरा के बार-बार एक ही बात कहने से कैकेई मंथरा की बातों में आ जाती है और कौप भवन में त्रिया चरित्र का जाल बिठाकर बैठ जाती हैं। कैकेई के किरदार में रिया खरबंदा व मंथरा के रोल में रिद्वि खरबंदा ने बेहतरीन अभिनय किया।
अंतिम दृश्य में कैकेई त्रिया चरित्र के जाल में राजा दशरथ से राम को बनवास और भरत को राजतिलक के वचन ले लेती है जिससे अपने वचनों का निभाने के लिये अपने प्राणों की बलि तक दे देते हैं। इस जाल में उलझाकर कैकेई राजा दशरथ से राम की कसम खिलवा लेती हैं कि वह उन्हें दिये वचन से पीछे नही हटेंगे। जब राजा दशरथ कहते हैं कि कहा इक बार जो अंतिम मेरा वचन होगा, कसम है राम की दशरथ नहीं मिथ्या कथन होगा। इस दृश्य में कैकेई बनी रिया खरबंदा के संवादो और उनकी कला के जादू के आगे दर्शक नतमस्तक हो जाते हैं तो राजा दशरथ का किरदार निभा रहे पंकज खरबंदा ने अटूट अभिनय प्रस्तूत किया जिससे रामलीला पंडाल में बैठे दर्शक अपने आंसू नही रोक पा रहे थे।



