जे.सी.बोस विश्वविद्यालय के मीडिया विभाग में ‘सॉल्यूशंस जर्नलिज्म’ पर कार्यशाला का आयोजन
बदलते मीडिया परिदृश्य में कौशल विकास अनिवार्य: प्रो.पवन सिंह

फरीदाबाद, 29 अप्रैल : जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय वाईएमसीए फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा ‘समकालीन समाचार उद्योग में सॉल्यूशंस जर्नलिज्म’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मीडिया स्टूडियो में आयोजित इस सत्र में प्रख्यात मीडिया विशेषज्ञ और ‘न्यूज़ सेंस’ की कंसल्टिंग एडिटर सुश्री प्रिया कपूर ने विशेषज्ञ के रूप में शिरकत की। मीडिया विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने पौधा भेंट कर एक्सपर्ट का स्वागत किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सुश्री प्रिया कपूर ने कहा कि वर्तमान दौर में पत्रकारिता केवल समस्याओं को उजागर करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सॉल्यूशंस जर्नलिज्म साक्ष्य-आधारित और प्रतिक्रिया-संचालित रिपोर्टिंग है। यह समाज को केवल यह नहीं बताती कि क्या गलत हो रहा है, बल्कि यह भी दिखाती है कि उन समस्याओं का प्रभावी समाधान कैसे निकाला जा सकता है। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से इंडिया टुडे और टाइम्स इंटरनेट जैसे संस्थानों के अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को ‘रिस्पॉन्स-ओरिएंटेड’ रिपोर्टिंग के गुर सिखाए।
विभाग के अध्यक्ष प्रो. पवन सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि डिजिटल युग में समाचारों की विश्वसनीयता, उनका सामाजिक प्रभाव, समस्या का समाधान देने का नैतिक कर्तव्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मीडिया विद्यार्थी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहते हुए समाज के प्रति अपना दायित्व समझते हुए ‘सॉल्यूशंस जर्नलिज्म’ करनी चाहिए।
कार्यशाला के समन्वयक सहायक प्रोफेसर डॉ.राहुल आर्य ने विशेषज्ञ, विभागाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय प्रशासन का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुश्री प्रिया कपूर जैसी अनुभवी मार्गदर्शक से प्राप्त ज्ञान विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।



