फास्टटैग में अपडाउन के चार्ज की जानकारी दी जाये

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 17 दिसंबर। देश व प्रदेश टोलप्लाजाओं पर वाहनों के आने जाने के अब टोल टैक्स फास्टटैग के माध्यम से देना अनिवार्य कर दिया गया! लोगों के मुताबिक इस योजना में अभी काफी कमियां हैं! पहले तो लोगों को फास्टटैग के पूरे नियम ही नहीं बताये गये! टोल प्लाजा पर लोगों को कई प्रकार की परेशानी वहां पर नियुक्त किये गए कर्मचारियों से आती है! टोल कर्मचारी यात्रियों से बहुत बार मनमानियां करते हैं और दुव्र्यवहार भी करते हैं! निजी तौर पर रोजाना के यात्रियों को लाने ले जाने वाली कैब गाडिय़ों से टोल कर्मचारी मिलीभगत करके टोल टैक्स की चोरी भी करते हैं और गुंडागर्दी भी करते हैं!
अब फास्टटैग अनिवार्य करने के बाद कुछ टोल प्लाजाओं पर वहां के कर्मचारी बिना फास्टटैग की गाडिय़ों को जानबूझ कर फास्टटैग की लाईन में भेजते हैं और फिर उन पर जुर्माना लगाकर दोहरा शुल्क वसूलते हैं! यात्रियों का इसमें कोई कसूर नहीं है! टोल टैक्स के नाम पर यात्रियों में बड़ी भारी दहशत फैली हुई है! यात्रा करना अब आम आदमी के लिए बहुत महंगा होता जा रहा है! कई बार तो यात्रा में वाहन के पैट्रोल व किराये भाड़े के खर्चे से ज्यादा टोल टैक्स का खर्चा लग जाता है! अब सवाल यह उठता है कि फास्टटैग की इस योजना में लोगों को अभी यह नहीं बताया गया कि 24 घंटे में ही अपडाउन यात्रा करने पर फास्टटैग के माध्यम से कितना टोल टैक्स लिया जायेगा! यदि 24 घंटे में अपडाउन यात्रा करने पर दोनों तरफ का अलग अलग टोल टैक्स लिया जाता है तो यह 24 घंटे में अपडाउन यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ बड़ा भारी अन्याय होगा! फास्टटैग के माध्यम से अपडाउन यात्रा के टोल टैक्स के चार्ज की दरों के बारे में आम जनता को पूरी पूरी जानकारी देनी होगी तभी फास्टटैग योजना सफल हो सकती है!



