सरस आजीविका मेला 2026: NIESBUD ने ग्रामीण उद्यमियों को उद्यम पंजीकरण व बाजार सहायता की जानकारी दी

गुरुग्राम, 16 फरवरी (मनीष शर्मा) : राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (NIESBUD) ने गुरुग्राम में आयोजित सरस आजीविका मेला 2026 में सक्रिय सहभागिता करते हुए ग्रामीण उद्यमों के लिए उद्यमिता विकास एवं संस्थागत सहयोग तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।
यह मेला दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है। मेला स्वयं सहायता समूह (SHG) आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन देने तथा विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
NIESBUD द्वारा “ग्रामीण उद्यमियों के लिए उद्यमिता सहायता पारितंत्र” विषय पर एक केंद्रित सत्र आयोजित किया गया। सत्र में क्षमता निर्माण, ऋण-संबद्धता, उद्यम औपचारिकीकरण, बाजार तक पहुंच तथा उपलब्ध सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
सत्र के दौरान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अंतर्गत उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration) प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को डिजिटल पंजीकरण प्रक्रिया, पात्रता मानदंड तथा आवश्यक दस्तावेजों के बारे में अवगत कराया गया। उद्यम पंजीकरण से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, सरकारी खरीद में आरक्षित भागीदारी, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर पंजीकरण तथा अन्य MSME लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
कार्यशाला में Procurement and Marketing Support (PMS) योजना, वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम, पैकेजिंग मानक, बारकोडिंग तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई, जिससे उद्यमी व्यापक बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें। अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों को औपचारिक MSME ढांचे में शामिल करने हेतु उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म की जानकारी भी साझा की गई।
मेले के दौरान इच्छुक उद्यमियों को ऑन-द-स्पॉट उद्यम पंजीकरण सुविधा प्रदान की गई। दो उद्यम पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए तथा अन्य प्रतिभागियों को विभिन्न ऋण योजनाओं एवं वित्तीय सहायता तंत्र के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।
सरस आजीविका मेला 2026 का आयोजन 10 से 26 फरवरी, 2026 तक लीजर वैली पार्क, सेक्टर-29, गुरुग्राम में किया जा रहा है। इस मेले में 28 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 900 से अधिक लाखपति दीदी 450 स्टॉल के माध्यम से अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रही हैं। यह मेला ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए बाजार एवं क्षमता निर्माण का एक प्रभावी मंच सिद्ध हो रहा है।



