सूरजकुंड मेला : मुख्य चौपाल पर जैनेंद्र के मंच संचालन की कला के मुरीद हुए पर्यटक

फरीदाबाद, 13 फरवरी। कहते हैं कि हुनर किसी परिचय का मोहताज नहीं होता, वो चाहे गाने का या अभिनय का या फिर किसी भी अन्य क्षेत्र में हो। आमतौर पर हम फिल्मों में परदे के पीछे के कलाकारों तथा लाइव कार्यकर्मों को सफल बनाने वालों की भूमिका निभाने वालों नहीं जानते। मंच कितना भी खूबसूरत हो या बेहतरीन कलाकारों से सजा हो, लेकिन कुशल मंच संचालन के बिना फीका सा लगता है। 34वें अंतरराष्टï्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले की मुख्य चौपाल पर देश के मशहूर मंच संचालक जैनेंद्र सिंह के कुशल मंच संचालन, शब्दों की अदायगी की जादूगरी का हर पर्यटक मुरीद है। जैनेंद्र मंच पर कलाकारों के परिचय के साथ संबंधित देश विदेश की सभ्यता के बारे में बताते हुए श्रोताओं को इस कदर बांधते है कि किसी श्रोता का मन चौपाल से उठने का नहीं होता।
मूलरूप से उत्तराखंड के उद्यम सिंह नगर के रहने वाले जैनेंद्र सिंह बताते है कि बचपन से उन्हे रेडियो सुनने का बहुत शौक थे। स्कूल व कॉलेज के छोटे छोटे कार्यक्रमों में वे भाग लेते थे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान उन्हे ऑल इंडिया रेडियो पर स्वर परीक्षा पास होन से हौसला व पोत्साहन मिला। 1988 में जांलधर ऑल इंडिया रेडियों से सफर शुरू करने वाले जैनेंद्र ने फिर पीछु मुडक़र नहीं देखा और पिछले 30 सालों के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के कई लाइव कार्यक्रमों की कमंट्री कर चुके है। 34वें अंतरराष्टï्रीय सूरजकुंड मेले में भी जैनेंद्र सिंह मुख्य चौपाल पर सुबह से रात तक होने वाले कार्यक्रमों का समां बांधे हुए है। एक फरवरी को हुए सूरजकुंड मेले उद्घाटन कार्यक्रम राष्टï्रपति महामहित रामनाथ कोविंद ने शिरकत की,जिसका मंच संचालन जैनेंद्र ने किया। इसके अलावा गत छह सालों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम पर आधारित श्रंखला पोस्ट बॉक्स 111 की कमंट्री कर रहे हैं। इसके साथ जैनेंद्र सिंह पिछले 28 सालों से दिल्ली राजपथ पर गणतंत्र दिवस व लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले राष्टï्रीय समारोह में कमंट्री कर रहे हैं। इसके अलावा विदेशों में कार्यक्रमों तथा लंदन में आयोजित राष्टï्रमंडल खेल तथा ऐशियाई खेलों की कवरेज कर चुके हैं।

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