हरियाणा एज्युकेटर्स क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के महामहीम गवर्नर बण्डारू दत्तारेय से राजभवन चंडीगढ़ में की मुलाकात

फरीदाबाद : हरियाणा एज्युकेटर्स क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के महामहीम गवर्नर बण्डारू दत्तारेय से राजभवन चंडीगढ़ में मुलाकात की। इस विशेष प्रतिनिधिमंडल में भाजपा नेता संदीप जोशी, क्लब के प्रधान रमेश डगर, शिक्षाविद अनिल रावल, दीपक यादव, अजित डागर, सुनील डांगी व फरीदाबाद नगर निगम के पार्षद मुकेश डागर शामिल रहे। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने महामहीम गवर्नर को बुक्के भेंट कर शुभकामनायें दीं। मुलाक़ात के दौरान बण्डारू दत्तारेय ने क्लब के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए हरियाणा एज्युकेटर्स क्लब के बारे में बारीकी से जानकारी ली। क्लब के सदस्यों ने महामहीम को क्लब की मैगज़ीन प्रस्तुत की। गवर्नर ने क्लब के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की और अध्यापकों के महत्व को बढ़ाने की सलाह दी। महामहिम ने क्लब के सदस्यों को लड़कियों की शिक्षा को बढ़ाने के लिए स्कूलों के सहयोग की सलाह दी। क्लब के सदस्यों ने महामहीम गवर्नर बण्डारू दत्तारेय को फरीदाबाद आने का निमंत्रण दिया।

मुलाक़ात के बारे में बताते हुए क्लब के प्रधान रमेश डागर ने कहा कि यह मुलाक़ात काफी सकारात्मक रही जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में सुधार पर भी बात हुई। श्री डागर ने कहा कि शिक्षा प्रणाली को सामान्य और तकनीकी पटरियों के बीच अधिक लचीलापन अथवा सामंजस्य स्थापित करने की आवश्यकता है। इसे आत्म-प्रभावकारिता और टीमवर्क जैसे सामाजिक व्यवहार कौशल पर अधिक ध्यान देना चाहिये तथा यह सुनिश्चित करना चाहिये कि भविष्य में शिक्षण संस्थान प्रभावी नवाचार के क्लस्टर बन सकें। उदाहरण के लिये स्टार्टअप इंडिया पहल के एक भाग के रूप में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान परिसरों में विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र की कंपनियों के बीच आपसी सहयोग के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने हेतु सात नए शोध पार्क स्थापित किये गए थे। इस तरह की पहल को और बढ़ावा देने की ज़रूरत है।

क्लब के प्रवक्ता दीपक यादव ने कहा कि सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रयास किये हैं और इन प्रयासों से काफी सुधार भी हुआ है लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है ताकि शिक्षा के अधिकार को सभी के लिए सुनिश्चित किया जा सके और यह सरकार, शिक्षण संस्थानों और समाज के आपसी सहयोग से ही आगे बढ़ाया जा सकता है और इस प्रकार की मुलाकातों से ऐसे प्रयासों को बल मिलता है।

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