प्रदेश में विकास कहाँ खो गया?

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 17 दिसंबर। हरियाणा प्रदेश में विकास की यदि बात करें तो समझ में आता है कि विकास तो कूड़े कर्कट और गंदगी का हुआ है क्यों कि प्रदेश के हर शहर कस्बे व गावों में चारों तरफ गंदगी ही गंदगी का आलम है! पिछले पांच सालों के भाजपा सरकार के राज्य काल में हो सकता है कि ऐसी योजना बनाई गई हो कि एक बार गंदगी और कूड़े कर्कट का दब के विकास किया जाये तो फिर दोबारा से सरकार आने पर गंदगी व कूड़े कर्कट के नाम पर एक बड़ी राजनैतिक दुकानदारी की जा सके! ऐसा इस लिए भी संभव लग रहा है कि भाजपा सरकार के कोई भी नेता पांच सालों से इकठ्ठी हुई गंदगी व कूड़े कर्कट के मसले पर कुछ नहीं बोल रहे! बोल रही है तो केवल जनता और छाप रहे हैं तो केवल मीडिया के लोग व पत्रकार बंधु! बोलने वाले और छापने वाले तो गंदगी व कूड़े कर्कट की कटु सच्चाई पेश कर रहे हैं!

एक बात बड़ी हैरानी है कि जिस भाजपा सरकार पर जनता ने पूरा भरोसा कर रखा हो वो भाजपा सरकार विकास के मामले में फेल क्यों हुई! विकास के नाम पर बड़ी बड़ी घोषणा करने वाले अधिकांश मंत्री चुनाव में क्यों हार गए! यह इस बात का सबूत है कि भाजपा सरकार ने जो नारा सब का साथ सब का विकास लगाया था वो झूठ का पुलिंदा था! हरियाणा प्रदेश में ना ही तो शिक्षा सस्ती हुई और ना ही मैडिकल सुविधा सस्ती हुई! उलटे हरियाणा प्रदेश को गंदगी व कूड़े कर्कट का प्रदेश बना दिया गया! अपनी कमजोरी को छिपाने के लिए अब प्रदेश की भाजपा सरकार झूठे तौर पर सफाई व स्वच्छता के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट व झूठी स्वच्छता रैंकिंग देने का प्रयास कर रही है! गुरुग्राम शहर के विकास की पोल तो इस सर्दी के मौसम में हुई भारी बारिश में खुल गई! गुरुग्राम के अधिकांश सेक्टरों व गली मौहल्लों में बड़ा भारी जलभराव हो गया और जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं थी! अब एक बात बताइये कि भाजपा सरकार के द्वारा रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने के जो बड़े बड़े दावे किये गए थे उन दावों का क्या हुआ!

गुरुग्राम की जनता का कहना है कि अब खट्टर सरकार प्रदेश में दोबारा आई है और यदि इस बार भी मुख्यमंत्री महोदय ने झूठी घोषणाएं की और विकास के कार्य नहीं किये तो जनता सडक़ पर उतर कर सरकार से मुकाबला करेगी! गुरुग्राम की जनता की शिकायत है कि अब तक यहां का बस अड्डा नहीं बनवाया गया और सरकारी नागरिक अस्पताल की इमारत भी नई नहीं बनवाई गई! ये दोनों कार्य जनहित में अति आवश्यक है! अब यदि बात करें प्रदेश के दूसरे इलाकों के विकास की तो पता लगता है कि मेवात के नूहं के आजादपुर गावं में लोगों को जरूरी सुविधाओं की कमी से बड़ी भारी परेशानी हो रही है! सोहना के नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले गावों का विकास बिलकुल नहीं हुआ! इन गावों में साफ सफाई से ले कर अन्य बुनयादी सुविधाओं की भारी कमी है! खासकर इन गावों को जोडऩे वाली मुख्य सडक़ों की हालात खस्ताहाल है!

जींद जिले के उचाना विधानसभा में सफाई कर्मचारी वेतन ना मिलने के कारण धरने व अनशन पर बैठे हैं! इस विधानसभा से प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला विधायक हैं और यदि यहां पर भी समस्या बनी रहती है तो बड़ी शर्मनाक बात है! नारनौल शहर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या कई दिनों से बनी हुई है! यहां पर सरकारी अस्पताल से कन्या स्कूल व किला रोड़ होते हुए मंत्री ओमप्रकाश यादव के कार्यालय व निवास स्थान वाले मार्ग पर सीवर एक सप्ताह से ओवरफ्लो है जिस कारण दुकानदारों व आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है! सोनीपत के जिन 13 गावों को डेढ़ साल पहले लंबी लड़ाई के बाद प्रदेश सरकार ने नगर निगम के दायरे से बाहर कर दिया था वे गावं अब विकास के लिए तरस रहे हैं! जींद जिले के जुलाना विधानसभा क्षेत्र में पानी का दोहरा संकट है! भारी बारिश की वजह से लगभग दो दर्जन से ज्यादा गावों के खेतों में पानी भर गया है जिस वजह से फसलें खराब हो गई हैं और दूसरी तरफ यहां के करीब 35 गावों में आज भी भीषण पेयजल संकट बरकरार है और इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया!

पूरे हरियाणा प्रदेश के विकास कार्यों की यह पोल आप के सामने है! अब बताइये जरा कि भाजपा सरकार ने आखिर किस का विकास किया जो विकास के नाम पर इतना शोर मचा रहे हैं! जनता का मानना है कि प्रदेश का विकास करने की बजाय भाजपा के मंत्रियों ने अपना ही विकास किया और जनता के साथ धोखा किया जभी अधिकांश मंत्री हारे! अब देखना यह है कि अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर प्रदेश के विकास की बिगड़ी हुई गाड़ी पटरी पर ला पाते हैं या नहीं!

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