विश्‍व साइकिल दिवस : साइकिल चलाएं, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं

फरीदाबाद : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद में जूनियर रेडक्रॉस, गाइड्स तथा सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड ने विद्यालय के प्रधानाचार्य और जे आर सी काउन्सलर रविन्द्र कुमार मनचन्दा के मार्गदर्शन में कोरोना महामारी में विश्‍व साइकिल दिवस तीन जून को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का संदेश दिया। विश्‍व साइकिल दिवस प्रति वर्ष तीन जून को मनाया जाता है। प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव तथा प्रतिरोधक क्षमता सुदृढ़ करने के लिए साइकिल का अधिकाधिक प्रयोग करने की आवश्यकता है क्यों कि साइकिल के प्रयोग से ना प्रदूषण होता है ना ही पेट्रोल या डीजल के खर्च की चिंता और स्वास्थ एवम प्रतिरोधक क्षमता दिन प्रतिदिन सुदृढ़ होती है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा पहला आधिकारिक विश्व साइकिल दिवस 3 जून 2018 को परिवहन के एक साधारण, सरल, मितव्ययी , भरोसेमंद, स्वच्छ और पर्यावरण की दृष्टि से प्रत्येक रूप से फिट तथा सुगमता से उपलब्ध साधनों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया गया था। इसका उद्देश्य दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग को लोकप्रिय बनाना है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ने में साइकिल एक कारगर हथियार की तरह काम आ रही है। एक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन बीस मिनट साइकिल चलाकर इम्‍युनिटी बूस्‍ट करने के साथ विभिन्न बीमारियों से बचा जा सकता है। वैज्ञानिक अध्‍ययनों में भी यह तथ्य स्पष्ट हो चुका है कि साइकिल चलाने से रक्त संचरण बेहतर होता है इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि साइकिल परिवहन का स्वच्छ तथा सस्ता माध्यम है, इससे किसी भी प्रकार का पर्यावरण प्रदूषण नहीं होता और यह फिटनेस की दृष्टि से भी उपयोगी है। इससे विभिन्न देशों को कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि हॉलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम में आधी जनसंख्या काम पर जाने के लिए साइकिल का उपयोग करती हैं, यह संख्या विश्व में सर्वाधिक है। हमें भी स्वस्थ रहने और प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए साइकिल का प्रयोग बढ़ाना होगा। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि इस बार वर्ल्ड बाइसिकल डे 2021 की थीम यूनीकनेस, वर्सेटैलिटी, लॉन्गिविटी ऑफ द बाइसिकल एंड सिंपल, सस्टेनेबल, एफोर्डेबल मीन्स ऑफ ट्रांसपोर्टेशन रखी गई है जो कि पूरी तरह से लोगों को साइकिल चलाने के प्रेरित कर रही है, साथ ही यह बता रहा है कि साइकिल चलाना कितना फायदेमंद भी है। साइकिल चलाकर हम ईधन को भी बचा सकते हैं।

प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा और विद्यालय की एक्टिविटीज कॉर्डिनेशर प्राध्यापिका डॉक्टर जसनीत कौर ने विद्यालय की छात्राओं स्नेहा, नेहा, निशा, अंजूम, हर्षिता और नूरजहां के द्वारा बनाई गई चित्रकारी के माध्यम से विश्व साइकिल दिवस पर पर्यावरण हितैषी एवं शरीर को स्वस्थ रखने और प्रतिरोधक क्षमता अर्थात इम्यूनिटी सिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए, स्वस्थ जीवन यापन तथा कोरोना को हराने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज के लिए साइकिल चलाने की जरूरत पर बल दिया ताकि हम अपने आप को स्वस्थ और निरोगी रख सके।

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