मोह और आसक्ति से ऊपर उठकर कर्म करें- परम पूज्य सुधांशु जी महाराज

फरीदाबाद : हरियाणा राज्य के फरीदाबाद जिले में पांच दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का आयोजन विश्व जागृति मिशन के फरीदाबाद मण्डल के द्वारा आयोजित किया गया है, जिसको सम्बोधित करने के लिए राष्ट्र सन्त एवं युगमनीषी परम पूज्य सुधांशु महाराज पधारे हैं। परम् पूज्य सदगुरुदेव जी महाराज का मंच पर स्वागत और अभिनन्दन डॉ. एलडी अरोड़ा एवं डॉ. सुदेश नागपाल ने किया तथा व्यास पीठ का पूजन मुदित चौहान एवं श्रीमती हर्षिता चौहान ने किया।
सत्संग सभा में बोलते हुए पूज्यश्री ने कहा कि सिद्धि एवं असिद्धि, सफलता एवं असफलता, मान एवं अपमान दोनों ही स्थितियों में संतुलन बनाकर जीवन बिताएं। वस्तुओं में हम प्राण बसा कर जीते हैं वस्तु छूटने पर हमारा संतुलन बिगड़ता है। मोह और आसक्ति से ऊपर उठकर कर्म करें। वस्तु का उपयोग करें व्यक्तियों का नहीं व्यक्ति प्रेम के लिए है वस्तु उपयोग के लिए है। संसार की चीजों का उपयोग करें उसमें अपना प्राण नहीं बसाएं। आसक्ति का त्याग कर कर्म करें। संसार की हर चीज या तो चिपकती है या चिपकाती है। इसे अंत में छोडऩा हीं पड़ता है क्योंकि किसी का संग्रह उसके साथ नहीं जाता है। युक्त होकर, परमात्मा से जुडक़र प्रत्येक कर्म करें।

श्रद्धेय ने कहा कि स्रोत से जुडऩे का मतलब है अपने निज स्वरूप, मूल स्वरूप से जुडऩा। दुखी होते रहना, क्रोध करना, चिंता करना आपका मूल स्वरूप नहीं है। शांत रहना ,आनंदित रहना, प्रेम पूर्ण रहना, दयावान होकर जीवन जीना आपका वास्तविक स्वरूप है। परमात्मा के प्रति प्रेम जगाने से ही वह हृदय में उतरता है। अपने अंदर परमात्मा को जागृत करें इससे व्यक्ति के जीवन में दिव्यता आती है उसके व्यवहार में देवत्व दिखाई देता है अपने अंदर की पशुता को सुला कर देवत्व को जगाएं।
फरीदाबाद मण्डल के प्रधान राज कुमार अरोड़ा ने बताया कि यह विराट भक्ति सत्संग महोत्सव 15 अक्टूबर सायंकाल तक रहेगा। उन्होंने प्रात:कालीन सत्र में होने वाले मंत्र सिद्धि साधना में लोगों को अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने के लिए आह्वान किया।



