विवाह उपरांत दम्पति रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाएं : उपायुक्त जितेंद्र यादव

  • कहा, सरकार ने लागू की विवाह पंजीकरण योजना
  • विवाह पंजीकरण से भविष्य में मिलेगा लाभ

फरीदाबाद : उपायुक्त जितेंद्र यादव ने कहा है कि हरियाणा में विवाह पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ‘विवाह पंजीकरण योजना’ क्रियान्वित की गई है। योजना के तहत विवाह के 30 दिनों के भीतर पंजीकरण करवाने वाले दंपती को प्रोत्साहन स्वरूप 1100 रुपये व मिठाई का डिब्बा सरकार की ओर से दिया जाता है।

उपायुक्त जितेंद्र यादव ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के दायरे में न आने वाले परिवारों को सरकार विवाह पंजीकरण योजना के तहत लाभान्वित कर रही है। हरियाणा सरकार की ओर से नवदंपती को विवाह पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करने की प्रक्रिया के तहत विवाह पंजीकरण योजना शुरू की है। विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से विवाह पंजीकरण योजना की शुरूआत करते हुए प्रोत्साहन राशि देने की भी सार्थक पहल की गई है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत विवाह के 30 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले दंपती को प्रोत्साहन स्वरूप 1100 रुपये व मिठाई का डिब्बा विभाग के माध्यम से दिया जाएगा। जो व्यक्ति विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में कवर नहीं होते, उन्हें विवाह पंजीकरण योजना के तहत लाभ भी सरकार द्वारा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के अंतर्गत पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले परिवारों की लडक़ी की शादी के लिए 71 हजार रुपये तक शगुन के रूप में सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लडक़ी की आयु 18 वर्ष या इससे अधिक तथा लडक़े की आयु 21 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए। इसके लिए व्यक्ति को आनलाइन आवेदन करना होगा। अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति एवं टपरीवास जाति का व्यक्ति यदि बीपीएल नहीं है तो उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो या ढ़ाई एकड़ से कम जमीन होने पर उसकी लडक़ी की शादी में 11 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। सामान्य वर्ग का व्यक्ति यदि बीपीएल है तथा आय एक लाख रुपये से कम हो या अढ़ाई एकड़ से कम जमीन होने पर उसकी लडक़ी की शादी में 11 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है।

उपायुक्त ने कहा कि सभी वर्गों की विधवा महिला और बीपीएल है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो या अढाई एकड़ से कम जमीन हों, तो उसकी लडक़ी की शादी में 71 हजार रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है। किसी भी जाति एवं बिना आय निर्धारण के महिला खिलाड़ी को स्वयं की शादी के लिए 31 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। सभी जातियों के सामूहिक विवाह समारोह में विवाह करने वाले वर-वधु को 71 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। जो व्यक्ति इस योजना में कवर नहीं होते उन्हें विवाह पंजीकरण योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। इस योजना के तहत विवाह के 30 दिन के अंदर पंजीकरण करवाने वाले दंपती को प्रोत्साहन स्वरूप 1100 रुपये व मिठाई का डिब्बा दिया जाएगा। इस योजना का लाभ सभी वर्गों के नागरिक ले सकते हैं। विवाह के बाद सभी लोगों को रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाना चाहिए। भविष्य में भी विवाह पंजीकरण के काफी फायदे मिलते हैं।

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