शिक्षा के मंदिरों को बचाया जाये

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 7 दिसंबर। छात्रावास की फीस बढ़ोतरी को वापस करने की मांग को लेकर जेएनयू के छात्र पिछले एक महीने से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं परंतु मोदी सरकार व उसका शिक्षा मंत्रालय आँख मूंदे बैठा है! सरकार को छात्रों के भविष्य की बिलकुल चिंता नहीं है! केंद्र सरकार फीस बढ़ाये जाने के बाद अब अपना पल्लू छाड़ रही है और जेएनयू के मामले में कह रही है कि सरकार अब जेएनयू के फीस बढ़ोतरी को वापस लेने के चल रहे आंदोलन में कोई दखल नहीं देगी! मोदी सरकार ने अब घबरा कर किसी भी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक फैसलों में दखल नहीं करने का फैसला लेते हुए एक अलग तरह की नौटंकी खेलने का प्रयास किया है! पहले तो जेएनयू के मामले में लगातार कई वर्षों तक मोदी सरकार की राजनैतिक उदेश्य से दखलंदाजी जारी रही और यहां तक प्रयास किया गया कि जेएनयू के छात्रों पर देशद्रोह के मामले दर्ज करवा कर जेएनयू की छवि खराब करने की राजनैतिक साजिश रची गई! मोदी सरकार की जब सारी साजिशें फेल हो गई तो खेल बिगाड़ कर आखिर में जेएनयू के प्रशासन पर ठीकरा फोड़ दिया तथा जेएनयू के प्रशासन और छात्रों व अध्यापकों के बीच संघर्ष करवाने की साजिश रच दी गईं गई जब की मोदी सरकार में सारे देश की जनता को भली भांति रूप से पता है कि सरकार का कोई भी मंत्रालय या शिक्षा संस्थान मोदी की मर्जी के खिलाफ जाकर फैसला नहीं ले सकता! तो फिर जेएनयू के मामले में मोदी सरकार के द्वारा पल्ला छाड़ लेने में भी एक गहरी साजिश की बू आ रही है!

दूसरी तरफ दिल्ली हाईकोर्ट ने भी कह दिया है कि हाईकोर्ट जेएनयू के देशद्रोह के मामले में दखल नहीं करेगा! तो ऐसे में यह बात साबित होती है कि मोदी सरकार देश के कई शिक्षा संस्थानों पर आरएसएस व भाजपा का कब्जा करवाना चाहती है! इसी चक्कर में मोदी सरकार साजिश रचते हुए जेएनयू समेत दिल्ली विश्वविद्यालय व अन्य और कई विश्वविधालयों के छात्रों पर झूठे मुकदमें बनवा कर छात्रों का भविष्य खराब करने पर तुली हुई है! शिक्षा को सस्ती करने की बजाय महंगा करने की ओर मोदी सरकार बढ़ रही है!

जेएनयू के छात्रों के साथ अब वहां का अध्यापक संघ भी इस आंदोलन में कूद पड़ा है व साथ में ही दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर दी है! जेएनयू के छात्रों की यह भी मांग है कि शुल्क वृद्धि की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाये! अब छात्रावास फीस वृद्धि वापसी के मुद्वे पर नौ दिसंबर को जेएनयू कैंपस से राष्ट्रपति भवन तक शिक्षा बचाओ पद यात्रा निकाली जायेगी!

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