स्वदेशी जागरण मंच ने किया विश्व जागृति दिवस पर पेटेंट फ्री वैक्सीन संकल्प कार्यक्रमों का आयोजन

- मानवता की पुकार-वैक्सीन सबका अधिकार, विश्व व्यापार संगठन करें कोविड वैक्सीन को पेटेंट मुक्त
- यूएवीएम पिटीशन (यूनिवर्सल एक्सेस टू वैक्सीन एंड मेडिसिन याचिका) पर किए देश-विदेश से 14 लाख लोगों ने हस्ताक्षर किए
- विश्व के 20 देशों में भी अभियान हुआ व 130 कुलपति सहित 2200 उच्च शिक्षाविदों ने भी हस्ताक्षर किए
फरीदाबाद 21 जून (मनीष शर्मा) : स्वदेशी जागरण मंच फरीदाबाद द्वारा विश्व जागृति दिवस के रूप में 25 स्थानों पर पेटेंट फ्री वैक्सीन संकल्प कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें मंच व अन्य संस्थाओं से जुड़े लगभग 300 कार्यकर्ताओं ने कोविड वैक्सीन को सर्व सुलभ बनाने के लिए इसे पेटेंट मुक्त करने के लिए पोस्टर्स व बैनर हाथ में लेकर इसमें भाग लिया।
इस अवसर पर बी के चौक पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए मंच के क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख सतेन्द्र सौरोत ने कहा कि वैश्विक मानवता आज कोविड-19 के रूप में एक अभूतपूर्व संकट व त्रासदी का सामना कर रही है। पिछले लगभग एक वर्ष में दुनिया भर में 37 लाख से अधिक और भारत में 3.4 लाख से अधिक लोगों की कोविड-19 से असमय मृत्यु हो गई है। इजरायल, यूएस, यूके, नार्वे आदि देशों ने अपनी वयस्क आबादी के बहुमत का टीकाकरण करके ताजा संक्रमण और कोरोना से होने वाली मौतों को नियंत्रित किया है। लोगों को कोरोना से बचाने के लिए दुनिया को करीब 14 अरब वैक्सीन डोज की जरूरत है, जबकि पिछले लगभग 6 महीनों में सभी आठ फार्मा कंपनी द्वारा कोविड टीकों कि केवल 200 करोड़ रोज का ही उत्पादन किया जा सका है। वर्तमान दर पर दुनिया की योग्य आबादी को टीका लगने में दो-तीन साल और लग सकते हैं, जबकि पहले से ही टीका लगाए गए लोगों को पुन: नए कोरोना वेरिएंट से संक्रमित होने से बचाने के लिए 10-12 महीनों के समय में सभी देशों की योग्य आबादी का टीकाकरण करना जरूरी है। इसका अर्थ है कोई भी तब तक सुरक्षित नहीं रहेगा जब तक की सभी सुरक्षित नहीं हो।
कोविड टीकों के बड़े पैमाने पर उत्पादन में रुकावट विश्व व्यापार संगठन के ट्रिप्स के प्रावधानों के तहत आने वाले पेटेंट कानून और बौद्धिक संपदा अधिकार है जो अन्य फार्मा कंपनियों को इन टीकों के निर्माण की अनुमति नहीं देते हैं । दुनिया की 7. 87 अरब आबादी को कोरोना के चंगुल से बचाने के लिए वैक्सीन और दवाओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए पेटेंट कानूनों में ढील देने की जरूरत है ।
यूएवीएम (यूनिवर्सल एक्सेस टू वैक्सीन एंड मेडिसिन) अभियान सभी के लिए कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराने हेतु उच्च शिक्षा संस्थानों और स्वदेशी जागरण मंच जैसे सामाजिक संगठनों के सदस्यों की एक टीम द्वारा दो ऑनलाइन याचिकाओं के माध्यम से दुनियाभर में शुरू किया गया है,
एक याचिका कुलपति या समकक्ष जैसे प्रख्यात व्यक्तियों के लिए और दूसरी अन्य लोगों के लिए । पहली याचिका पर देश के 2000 से अधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने हस्ताक्षर किए और दूसरी याचिका पर भारत और विदेशों से 14 लाख से अधिक व्यक्तियों द्वारा 16 जून तक हस्ताक्षर किए गए हैं । इन याचिकाओं के माध्यम से अपील की गई है कि (1) विश्व व्यापार संगठन पेटेंट फ्री वैक्सीन के लिए ट्रिप्स के प्रावधानों में छूट दे (2) वैश्विक दवा कंपनियां स्वेछिक रूप अन्य फार्मा कंपनियों को कोविड 19 के टीके बनाने की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सहित पेटेन्ट मुक्त अधिकार दे (3) सरकारें अपने संप्रभु अधिकारों का प्रयोग कर अधिक दवा फर्मो को टीके बनाने का लाइसेंस दे और (4) संबंधित व्यक्ति और संगठन मानवता हेतु अभियान का समर्थन करें ।
जगदीश चंद्र बसु वाईएमसीए विश्वविद्यालय के उपकुलपति दिनेश कुमार ने वाईएमसीए चौक के प्रदर्शन में कहा कि विश्व व्यापार संगठन ने 9 जून 2021 को अपनी बैठक में 60 से अधिक देशों द्वारा समर्थित भारत और दक्षिण अफ्ऱीका के वैक्सीन निर्माण को बढ़ाने के लिए ट्रिप्स के प्रावधानों में छूट के प्रस्ताव को फास्ट ट्रैक से अंतिम रूप देने के लिए एक टेक्स्ट (मसौदा) आधारित प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है । यह भारत में ्रङ्करू जैसे अभियानों और दुनिया में इसी तरह के अन्य अभियानों द्वारा उत्पन्न जनता के दबाव के कारण संभव हुआ है।
स्वदेशी जागरण मंच के विभाग से सह संयोजक कुणाल राज गोयल ने बताया के फरीदाबाद के बाबा सूरदास गौशाला सेक्टर 37, पुराना फरीदाबाद, सैक्टर 15 मार्केट, सेक्टर 9, वाईएमसीए चौक, चावला कॉलोनी बल्लभगढ़, बोहरा स्कूल रोड, घंटाघर चौक, अंबेडकर चौक, नीमका गांव, नवादा गांव, तिगांव, फतेहपुर बिल्लौच, सेक्टर 55 के राजकीय आदर्श संस्कृति विद्यालय, भगत सिंह पार्क सेक्टर 55, सेक्टर 56, एयर फोर्स रोड, संजय कॉलोनी, बाबा दीप सिंह चौक, हार्डवेयर चौक, बीके चौक आदि 25 थानों पर लगभग 300 कार्यकर्ताओं ने हाथों में संदेश पट्टीयां व बैनर लेकर प्रदर्शन किया।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सतेन्द्र सौरोत, कुणाल राज गोयल, अमरदीप सिंह, डॉक्टर कृष्णकांत उपाध्याय, राजेंद्र शर्मा एडवोकेट, जितेंद्र कुमार, दुर्गेश कश्यप, धर्मवीर सिंह, रविंदर एडवोकेट, सरदार गुरमीत सिंह, रामवीर सिंह, हुकुमचंद गोयल, कर्मवीर धारीवाल, संदीप गोयल, नरेंद्र सिंह यादव, संदीप सिंह, पूनम गोयल आदि ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन का नेतृत्व किया।



