फरीदाबाद : इस्कॉन मंदिर में सीता नवमी मनाईं गई

फरीदाबाद : इस्कॉन फरीदाबाद में माता सीता का प्रकट्य दिवस बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जब भी भगवान अवतार लेते हैं तो लक्ष्मी जी भी उनकी लीलाओं में भाग लेने आती हैं।
सीता देवी भगवान राम की लीला में सहायता के लिए आईं। वह पृथ्वी से महाराजा जनक की बेटी के रूप में प्रकट हुई, जब वे यज्ञ करने के लिए पृथ्वी को जोत रहे थे। जब वह सिर्फ 2 साल की बच्ची थी, तो वह भगवान शिव के धनुष को बहुत ही सरलता से उठा लेती थी, जैसे कि कोई खेल हो, ऐसी उसकी शक्ति थी। यह बहुत ही आनन्ददायक था। क्योंकि वह भगवान श्रीविष्णु की आंतरिक ऊर्जा लक्ष्मी देवी के अलावा अन्य कोई नहीं है।

जैसे भगवान राम आदर्श पति, पुत्र, भाई और राजा हैं, वैसे ही सीता देवी आदर्श पत्नी, बेटी और माँ हैं। वह दुनिया को सिखाती हैं कि कैसे एक आदर्श पत्नी को मुश्किल समय में भी अपने पति का साथ देना चाहिए। सीता जी ने खुशी-खुशी भगवान राम के साथ कठोर वन जीवन व्यतीत किया और कभी शिकायत नहीं की।
हनुमान भगवान राम जी व माता सीता को हमेशा अपने हृदय में रखते हैं इसलिए उन पर हमेशा भगवान की कृपा बनी रहती है।

सीता जी ने ऋषि वाल्मीकि के साथ सबसे विद्वान और शक्तिशाली पुत्रों लव और कुश को उत्तम शिक्षा दी।
इस शुभ दिवस का शुभारंभ प्रातः 4.30 बजे मंगल आरती के साथ हुआ और उसके बाद सुबह 10.30 बजे जप, कथा, कीर्तन और अभिषेक किया गया। तत्पश्चात् सभी आनंदित श्रद्धालुओं को स्वादिष्ट प्रसाद परोसा गया।
मंदिर के अध्यक्ष गोपीश्वर दास का यह कहना है कि “हम माता सीता का आशीर्वाद चाहते हैं जो हमें अपनी दया से भगवान राम को जानने और उनकी सेवा करने का अवसर प्रदान करती हैं। इस शुभ दिन पर सीता जी विशेष रूप से दयालु हैं इसलिए हम सभी को कीर्तन में शामिल होने, उनकी कथा सुनने, उनकी महिमा गान के लिए अपने नवनिर्मित व भव्य मंदिर में सादर आमंत्रित करते हैं। हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग हमारे इस मंदिर में आए और भगवान श्री श्री राधा-गोविन्द देव जी के दर्शन करें व उनका आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन में सुख व आनन्द प्राप्त करें।”



