हम लोगों को समझ सके ना..फिर भी दिल है हिंदुस्तानी

  • उज्बेक ग्रुप हवासा ने हजारों श्रोताओं का मन मोहा

सूरजकुंड : अंतर्राष्ट्रीय 35वें सूरजकुंड मेले में उज्बेकिस्तान के कलाकारों ने हिंदी व पंजाबी गाने गाकर धूम मचा दी। शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम में साढ़े सात बजे से नौ बजे तक हवास म्यूजिकल ग्रुप के उज्बेक कलाकार मंच पर छाए रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारत के गणमान्य नेताओं से सम्मानित हवास ग्रुप को हिंदी, पंजाबी, बांग्ला, तमिल आदि गानों को गाने में महारत हासिल है। यह ग्रुप वर्ष 1990 में अस्तित्व में आया था। इसके जनक रूस्तम एरामोव व उनकी धर्मपत्नी एरामोत्वा खाखरामोन थीं। बाद में उनके बच्चों ने भी माता-पिता की राह पर चलते हुए इसी प्रोफेशन को अपनाया। मंच पर रूस्तम के सुपुत्र गुलोमजोनोवा खाखरामोन व उनकी बहन शाखनोजा ने धूम मचाई। उनका साथ दे रहे थे गायक व वायलिन वादक रोबिया व दोस्तोंबेक। इन चारों कलाकारों ने कई मशहूर गानों को प्रस्तुत किया।

हम लोगों को समझ सके ना…दिल है हिंदुस्तानी गाने पर दर्शकों ने खड़े होकर इन कलाकारों का अभिवादन किया। इसके अतिरिक्त आवारा हूं..आवारा हूं, डम डम डिगा, मौसम भीगा..भीगा, लग जा गले..संदली संदली नैणा विच तेरा नाम है मुंडिया आदि गानों ने इस शाम को और रंगीन बना दिया। आई एम ए डिस्को डांसर गाने से श्रोताओं को मिथुन दा की याद दिला दी। इस अवसर पर पर्यटन विभाग से मेला प्रशासक डा. नीरज कुमार, एचएसवीपी के स्टेट ऑफिसर अमित गुलिया,मेला अधिकारी राजेश जून, अनिल बजाज, विवेक भारद्वाज, सुनील शर्मा, गुरूप्रीत सहित उज्बेक अधिकारी उपस्थित रहे। उज्बेकिस्तान की महिलाओं व पुरुषों ने इस शाम का थिरकते व गाते हुए लुत्फ उठाया।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!