डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में “नशे से स्वतंत्रता संग्राम” विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो द्वारा किया गया कार्यक्रम आयोजित

फरीदाबाद। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद सह पुलिस उप-महानिरीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के मार्गदर्शन में पूरे हरियाणा में नशे के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा पुन: तड़के तड़के साइकिल लेकर डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल सेक्टर 30 फरीदाबाद पहुंचे। विद्यालय की प्राचार्या डॉ हेमा अरोड़ा की अध्यक्षता में स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के बनैर के साथ विद्यार्थियों ने देशभगति पर अपनी प्रस्तुतिया प्रदान की। हृदय को छू लेने वाले एक नाट्य प्रस्तुति में ये दिखाया गया कि हम स्वतंत्र तो हो गए लेकिन वास्तव में अभी स्वतंत्रता नशे और अनेक समस्याओं से और चाहिए। ब्यूरो द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 550 से अधिक छात्र-छात्राओं तथा 30 शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता का अभिप्राय स्वच्छंदता नहीं अपितु अपने कर्तव्यों का भान होना है। उन्होंने नशे की समस्या पर व्याख्यान देते हुए कहा कि आज यह वैश्विक चुनौती बन चुकी है और इसका प्रभावी समाधान केवल जन-जागरूकता, पारिवारिक सहयोग तथा सामाजिक सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस अधिनियम) के अंतर्गत अफीम, चरस, हेरोइन, स्मैक, चिट्टा, प्रतिबंधित नशीली गोलियाँ तथा नशीले इंजेक्शन जैसे मादक पदार्थों का सेवन, क्रय-विक्रय, भंडारण एवं तस्करी दंडनीय अपराध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि चेतावनी अंकित वैधानिक नशे, जैसे तंबाकू एवं धूम्रपान संबंधी उत्पाद, भी मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं।
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा, “यदि नशा अच्छा होता, तो माँ स्वयं कहती—खा ले मेरे बच्चा।” उन्होंने युवाओं से जीवन में शिक्षा, खेल, योग, व्यायाम तथा सकारात्मक गतिविधियों को अपनाने का आह्वान किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि यदि किसी क्षेत्र में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बिक्री अथवा तस्करी की जानकारी हो, तो उसकी गुप्त सूचना निर्भय होकर हेल्पलाइन 1933 अथवा 9050891508 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम सम्पन्न होने के पश्चात डॉ. अशोक कुमार वर्मा पुनः साइकिल से अपने गंतव्य स्थान पर लौटे। इस जन-जागरूकता यात्रा के दौरान उन्होंने लगभग 28 किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य संवर्धन तथा नशामुक्ति का संयुक्त संदेश भी जनसामान्य तक पहुँचाया।



