हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ‘परिवार पहचान पत्र’ शुरू किया

चंडीगढ़ ! हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नागरिकों को विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के वास्ते सक्षम बनाने के लिए ‘परिवार पहचान पत्र’ शुरू किया। वर्तमान में, चार योजनाएं – मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना, वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना, दिव्यांग जन पेंशन योजना और विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना – को ‘परिवार पहचान पत्र’ के साथ एकीकृत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले तीन महीनों के भीतर राज्य के सभी सरकारी विभागों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को इन पहचानपत्रों से जोड़ा जाएगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि खट्टर ने पंचकूला में एक कार्यक्रम में 20 लाभार्थियों को ‘परिवार पहचानपत्र’ वितरित किए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया भी उपस्थित थे।

18.19 लाख परिवारों का डाटा तैयार : प्रदेश में अलग पहचान के लिए परिवार पहचान पत्र तैयार करने के लिए अभियान शुरू किया है। राज्य में 56.20 लाख परिवारों के उपलब्ध रिकॉर्ड में से 18.19 लाख परिवारों का डाटा तैयार किया है। इनको पहचान पत्र प्रदान दिया जा रहा है। अगस्त 2020 के अंत तक 20 लाख परिवारों को वितरित किए जाएंगे। सितंबर में शेष परिवारों के पहचान पत्र के लिए आवश्यक सत्यापन का कार्य इस महीने पूरा हो जाएगा। आंकड़ों के संग्रहण और सत्यापन के कार्य के लिए 27 अगस्त से 31 अगस्त तक चार दिवसीय विशेष शिविरों का आयोजन ग्राम स्तर और सभी नगर परिषदों और नगर पालिकओं में वार्ड अनुसार किया जाएगा।

ये मिलेगा लाभ- सरकारी योजना का फायदा ले सकेंगे
परिवार पहचान पत्र के वितरण के बाद राज्य सरकार ऐसे परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन आदि से संबंधित जरूरतों का ही ध्यान नहीं रखेगी बल्कि युवाओं के कौशल और रोजगार को भी बढ़ावा देगी। इन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र लाभार्थियों को केवल एक बार ही उनके निकटतम सरल या अंत्योदय केंद्र पर जाकर एक फॉर्म भरना होगा।

राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों की योजनाओं के एकीकरण के अभियान के तहत, उन सभी परिवारों के राशन कार्ड तैयार किए जाएंगे, जिनके पास वर्तमान में कोई राशन कार्ड नहीं है, परंतु उपयुक्त श्रेणी के राशन कार्ड के लिए पात्र हैं। कोविड-19 संकट के दौरान डिस्ट्रेस राशन टोकन के माध्यम से 5.70 लाख से अधिक परिवारों को राशन वितरित किया गया है। राज्य में कोई भी पात्र परिवार राशन कार्ड से वंचित नहीं रहेगा। कोई भी कार्डधारक देश के किसी भी हिस्से में राशन ले सकेगा। मुख्यमंत्री ने असंगठित मजदूरों के पंजीकरण के लिए एक पोर्टल भी लांच किया।

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