सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित; सशस्त्र सेनाएं देश की आन बान और शान

फरीदाबाद ! राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद की सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड जूनियर रेडक्रॉस और गाइडस ने प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में देश की जल, थल और वायु सेना को बारम्बार नमन किया, इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने बहुत ही आकर्षक पोस्टर बना कर सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए अभिनन्दन किया।

प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया भारत सरकार ने 1949 से सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाने का निर्णय लिया। झंडा दिवस का उद्देश्य देश की सुरक्षा में शहीद हुए सैनिकों के परिवार के लोगों के कल्याण के लिए मनाया जाता है। हमारी सरकार द्वारा सैनिकों के कल्याण के लिए विभिन्न स्रोतों से इकठ्ठा हुए धन को शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण में खर्च किया जाता है। सशस्त्र सेना झंडा दिवस द्वारा इकट्ठा की गई राशि युद्ध वीरांगनाओं, सैनिकों की विधवाओं, भूतपूर्व सैनिक, युद्ध में अपंग हुए सैनिकों व उनके परिवार के कल्याण पर खर्च करती है। स्वाधीनता के पश्चात सरकार ने निर्णय लिया कि सैनिकों के परिवार वालों की भी जरूरतों का ध्यान रखने की आवश्यकता है और इसलिए सरकार ने 7 दिसंबर को झंडा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। शुरूआत में इसे झंडा दिवस के रूप में मनाया जाता था लेकिन 1993 से इसे सशस्त्र सेना झंडा दिवस का रूप दे दिया गया, इसके बाद से अब यह सशस्त्र सेना द्वारा मनाया जाता है !

मनचन्दा ने बताया कि  सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर हुए धन संग्रह के तीन मुख्य उद्देश्य है युद्ध के समय हुई जनहानि में सहयोग, सेना में कार्यरत कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण और सहयोग हेतु तथा सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण हेतु। इस दिवस पर धन-संग्रह सशस्त्र सेना के प्रतीक चिन्ह झंडे को बाँट कर किया जाता है। इस झंडे में तीन रंग, लाल, गहरा नीला और हल्का नीला, तीनों सेनाओं को प्रदर्शित करते है। प्राचार्य, ब्रिगेड और जूनियर रेडक्रॉस प्रभारी रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि सेना में रहकर भारतीय सशस्त्र सैन्यबल ने न केवल सीमाओं की रक्षा की, बल्कि आतंकवादी व उग्रवादियों से मुकाबला कर शांति स्थापित करने में अपनी जान न्यौछावर कर दी। झण्डा दिवस उन जांबाज सैनिकों के प्रति एकजुटता दिखाने का दिन है जो वर्ष में एक बार आता है। हमें भी झंडा दिवस कोष में अपना योगदान देने की आवश्यकता है ताकि उन शहीद परिवारों को मदद मिले साथ ही भारत का तिरंगा हमेशा आसमान की ऊंचाइयों को छूता रहे और जिस वीरता के लिए हमारा देश जाना जाता है वह आन बान और शान  हमेशा बनी रहे। यदि आप भी अपना योगदान सेना को देना चाहते है तो आप केन्द्रीय सैनिक बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर अपना योगदान दे सकते है। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा प्राध्यापिका जसनीत कौर और मोनिका तनेजा ने छात्राओं नैन्सी, निशा और रश्मि को बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति के लिए बधाई दीं।

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