बाबा पंचमनाथ मन्दिर में 108 अखण्ड रामायण पाठ का आयोजन

बल्लभगढ़ : बिहार के लखीसराय में लगभग 45 वर्ष पूर्व जन्मा बच्चा आज खडेसरी बाबा अवधूत नाथ के नाम से प्रसिद्ध है। 2007 में पन्हैडा खुर्द के लगभग खण्डहर बने, अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जाए गए बाबा पंचम नाथ मन्दिर को अपनी कर्मभूमि बनाने की हठ कर बैठे खडेसरी बाबा ने घर-घर जा कर लोगों का प्यार, सहयोग, मन जीत कर बाबा पंचमनाथ मन्दिर को एक प्रमुख धर्म स्थान बना दिया।

हठ योगी बाबा पिछले 11 वर्षों से खडे रहकर तपस्या कर रहे है। नंगे पैर 24 घन्टे खडे रहने वाले बाबा कच्चे दूध और पपीते के आलावा कुछ फलों का सेवन ही करते है। अन्न व अग्नी से पकाए/उबाले खाद्य पदार्थ बाबा एक दशक पहले त्याग चुके हैं। बाबा स्वयं पचासों व्यक्तियों के साथ अनेकों बार चारों धामों और प्रमुख तीर्थों व मठों की यात्रा कर चुके हैं। आसपास के ग्रामीणों के सहयोग से बाबा हर वर्ष श्रीमद्भागवत् गीता सप्ताह यज्ञ करवाते हैं। इसी मन्दिर में बाबा ने 108 दिन तक अखंड रामायण पाठ तथा अधिमास में 31 दिन का अखंड रामायण पाठ और अब महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में 108 पीठीय अखंड रामायण पाठ करवा कर लोगों को धर्म व संस्कार का प्रसाद बान्ट रहे है। 2022 में बाबा के खडे होने के हठ योग की समाप्ति पर पूरे हरियणा का भोजन-भंडारा करवाने की इच्छा रखने के साथ सभी के कल्याण की कामना करते हैं।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!