वट सावित्री की पूजा पर एक बरगद का पौधा जरूर लगाएं : जसवंत पवार

फरीदाबाद : कोरोना जैसी बिमारी ने पब्लिक को बता दिया कि पेड़-पौधे हमारे लिए क्या मायने रखते हैं, शुद्ध वायु हमारे लिए कितनी जरूरी है। आज वट सावित्री की पूजा है, हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन सुहागिनें अपने अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं। ऐसी मान्यता है कि वट वृक्ष के नीचे बैठकर ही सावित्री ने अपने पति सत्यवान को दोबारा जीवित कर लिया था। हिंदू पंचांग के अनुसार, वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि बरगद के पेड़ में साक्षात ब्रह्मा, विष्णु व महेश का वास होता है।
सांसे मुहिम के संयोजक जसवंत पवार ने कहा कि पुराणों में जिन वृक्षों को फलदायी कहा गया है, उनमें वट वृक्ष यानी बरगद का पेड़ भी शामिल है। ऐसा कहा गया है कि ये पेड़ इतना पवित्र है कि इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महादेव का वास होता है इसलिए हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक पौध जरूर लगाना चाहिए। अगर लोग वट वृक्ष का पौधा लगाता हैं तो वह अपने जीवन में जितना प्रदूषण इस प्रकृति को देता है वह वट वृक्ष का पौधा कई गुना शुद्ध वायु इस प्रकृति को देगा और ना जाने कितने बेजुबान पक्षियों का पेट भरेगा। कोरोना कॉल में हमें पता लगा कि ऑक्सीजन हमारे लिए क्या मायने रखती है, तब जाकर हमें पेड़-पौधों की अहमियत का अंदाजा हुआ, इसलिए इस वट सावित्री को बरगद का पौधा जरूर लगाएं। वट वृक्ष का पौधे लगाने में सोनू, हिमानी, लताशा, जसवंत पवार, मुदित पवार मौजूद रहे।



