छोटे बच्चों के लिए झूले बने आकर्षण का केंद्र, झूलों पर दिनभर रहती है चहल पहल

सूरजकूंड : आजादी के 75 वे अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित सूरजकुंड में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में छोटे बच्चों के लिए मनोरंजन की कोई कमी नहीं है,मेला परिसर में एक दर्जन से ज्यादा किस्म के झूले बच्चों के लिए मनोरंजन का साधन बने हुए हैं। मेले के एक कोने में बच्चों के लिए झूलों की विशेष व्यवस्था की गई है,जहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस सुरक्षा कर्मियों की जगह जगह तैनाती की गई है।

डायल 112 और एंबुलेंस की विशेष सुविधा :
मेले में आने वाले हर वर्ग सहित विशेषकर बच्चों के मनोरंजन के दौरान किसी प्रकार की कोई असुविधा ना होने पाए, इसके लिए बाकायदा एंबुलैंस की व्यवस्था भी की गई है। एंबुलैंस में डाक्टरों की टीम तैनात रहती है। झूलों में जरूरत अनुसार पूूरा स्पेश रखा गया है,ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना होने पाए। लेकिन फिर भी प्राथमिक स्तर पर अगर फस्ट एड की जरूरत पड जाए तो यह टीम तुरन्त मौके पर पहुंच जाती है।

ब्रेक डांस झूला बच्चों की पहली पसंद :
यहां मेले में आने वाले बच्चों में सबसे अधिक पसंद ब्रेक डांस वाला झूला है। बच्चे यहां आते ही इस झूले की ओर आकर्षित होते हैं। इस झूले की विशेष खासियत है कि इसमें झूला चलते समय म्यूजिकल गानों की सुविधा दी गई है,जोकि बच्चों की पहली पंसद है। मेला में आने वाले अधिकांश बच्चे ब्रेक डांस झूला को प्राथमिकता दे रहे हैं। झूलों में वाटर बोट,मिक्की माऊस,ड्रेगन ट्रेन,हैलिकाप्टर,मिनी कालंबस,स्लंबो,कैटर पिलर,चकरी कार इत्यादि शामिल है। इन झूलों का आनंद पचास रूपए से लेकर एक सौ रूपए की टिकट से उठाया जा सकता है।

बच्चों के मनोरंजन में नहीं आने दी जाएगी कमी : अमरपाल
झूला प्रबंधक अमरपाल कहते हैं कि वे अकेले सूरजकुंड ही नहीं बल्कि जयपुर,जोधपुर,दिल्ली सहित आसपास के राज्यों में भी झूलों की व्यवस्था करते हैं,जिससे बच्चों सहित हर वर्ग झूलों का लुत्फ उठा सकता है। उनका कहना है कि मेला परिसर में झूलों के लिए अलग से स्थान दिया गया है,जहां सभी प्रकार के झूले लगाए गए हैं। यहां आने वाले पर्यटक नियमानुसार टिकट लेकर झूलों का मजा ले सकते हैं।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!