नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, क्राइम ब्रांच बॉर्डर ने 42.440 किलोग्राम गांजे के साथ 4 नशा तस्करों को किया गिरफ्तार

मुख्य आरोपी अमरसिंह उर्फ पप्पी तथा उसके भाई सूबे सिंह को वर्ष 2015 में 91.740 किलोग्राम गांजा तस्करी के मुकदमे में 10-10 साल की हुई थी सजा

फरीदाबाद 20 अक्टूबर : डीसीपी क्राइम हेमेंद्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन में तथा एसीपी क्राइम अमन यादव के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच बॉर्डर प्रभारी संदीप कुमार व उनकी टीम ने नशा तस्करी के 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर 42.440 किलोग्राम अवैध नशे की खेप बरामद की है।

एसीपी क्राइम अमन यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अमर सिंह उर्फ पप्पी(48), सूबे सिंह(44), गुड्डू उर्फ बिजेंद्र(72) तथा शैलेंद्र कुमार(26) का नाम शामिल है। आरोपी अमर सिंह और आरोपी सूबे सिंह दोनों सगे भाई हैं जो पलवल के मलूका गांव के रहने वाले हैं तथा आरोपी गुड्डू व शैलेंद्र दिल्ली के निवासी हैं। क्राइम ब्रांच की टीम के उपनिरीक्षक जगदीश चंद्र, एएसआई रोशन, हवलदार संदीप तथा सिपाही शिवकुमार, शाम के समय पल्ला एरिया में गश्त कर रहे थे कि गुप्त सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई की आरोपी नया पुल पल्ला के नजदीक नहर वाले रोड़ पर अवैध नशे के साथ मौजूद हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और उक्त आरोपियों को अवैध नशे के साथ काबू कर लिया। आरोपियों ने प्लास्टिक के थैलों में अवैध गांजा भरा हुआ था जो चेक करने पर उसका वजन 42.440 किलोग्राम पाया गया। आरोपियों को थाने लाकर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके मामले में पूछताछ शुरू की गई।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अमर सिंह और सूबे सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के दो दो मुकदमे दर्ज हैं। दोनों आरोपी भाइयों को वर्ष 2015 में 91.740 किलोग्राम नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था जिसमें दोनों को 10 साल की सजा हुई थी जो आरोपी अमर सिंह मई 2023 तथा आरोपी सूबे सिंह दिसंबर 2022 में जेल से बाहर आया था। आरोपी सूबे सिंह दो मुकदमों में अंडर ट्रायल है। आरोपी गुड्डू पर भी एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बक्सर से बड़ी मात्रा में लेकर आते हैं और दिल्ली फरीदाबाद एरिया में इसे आगे बेच देते हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों से गहनता से पूछताछ करने के लिए उन्हें अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की धरपकड़ की जाएगी।

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