देश के लिए एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर लोटे लोकेश चौधरी का स्वागत

बल्लभगढ़/फरीदाबाद : 8 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में फरीदाबाद ,बल्लभगढ़ के डीग के रहने वाले 28 साल के लोकेश चौधरी देश का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक पर क़ब्ज़ा किया। द्रोणाचार्य बॉक्सिंग क्लब के कोच डॉ. राजीव गोदारा ने बताया की एशियन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में भारत की झोली में पाँच स्वर्ण पदक , तीन रजत पदक, आठ कांस्य पदक में आए है । लोकेश चौधरी ने नोएडा में आयोजित 9वीं एलीट मेन नेशनल बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में 80-85 किलोग्राम वर्ग भार में गोल्ड मेडल जीता था, जिसके आधार पर उनका सिलेक्शन एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए किया गया।लोकेश ने भारतीय सेना की तरफ से इसमें भाग लिया था। वह अभी सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे है।

पापा की इच्छा पूरी करने के लिए बना बॉक्सर : लोकेश ने बताया कि 2012 में उन्होंने बॉक्सिंग की प्रैक्टिस करने की शुरूवात की। उन्होंने बॉक्सिंग को आपने पापा नाहर सिंह का सपना पूरा करने के लिए चुना, उनके पिता किसान हैं!

खेल कोटे से आर्मी में हैं कार्यरत : लोकेश ने बताया कि मैं खेल कोटे से आर्मी में भर्ती हुआ हूं. वहां भी हमारे जो सीनियर अफसर है, उनका बहुत ज्यादा सपोर्ट मिल पा रहा है. यही वजह है कि मैं गेम्स के लिए समय निकलता हूं और अपने प्रैक्टिस को लगातार जारी रखता हूं. खेल की वजह से ही मैं आर्मी में हूं. मुझे खेल कोटे से आर्मी में नौकरी मिली है.

2011 से खेल रहे हैं लोकेश : लोकेश ने बताया कि मैंने खेल की शुरुआत 2011 से की थी लेकिन बीच में गेम्स को छोड़ दिया था. बाद में फिर से मैंने गेम्स में वापसी की और आज इस मुकाम पर पहुंचा हूं. इससे पहले 2024 में भी नेशनल चैंपियनशिप में मेरा गोल्ड मेडल था. उससे पहले 2024 में गोवा में नेशनल गेम्स का आयोजन किया गया था जिसमें मेरा सिल्वर मेडल था. इसके अलावा भी कई मेडल मैंने जीता है. मंगोलिया में एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के बाद कॉमनवेल्थ गेम , एशियाई गेम , विश्व चैंपियनशिप , ओलंपिक गेम अब मेरा पूरा फोकस इन्हीं गेम में गोल्ड मेडल लाने पर है.

गांव से निकलकर संघर्ष से पाया मुकाम : आपको बता दें लोकेश ऐसा खिलाड़ी है जो एक गांव से आते हैं और उनके पिता किसान हैं. ऐसे में गांव से निकलकर उन्होंने संघर्ष किया और आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं कि देश की सेवा के साथ-साथ बॉक्सिंग क्षेत्र में अपना और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं ,इस संघर्ष के पीछे उनके कोच ओलंपियन व अर्जुन अवॉर्डी हरियाणा पुलिस में कार्यगर्त डीएसपी जय भगवान व अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर डॉ राजीव गोदारा ,मुकेश , प्रदीप का बहुत योगदान है , द्रोणाचार्य बॉक्सिंग क्लब की स्थापना ओलंपियन व अर्जुन अवॉर्डी हरियाणा पुलिस में कार्यगर्त डीएसपी जय भगवान वह अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर डॉ राजीव गोदारा के द्वारा 2013 में की गई थी व इस क्लब ने हर्ष गिल, अनुपमा, हिम्मत सिंह, हर्ष गहलोत, हर्ष शर्मा, तनीषा लांबा, माही सिवाच, अमनदीप, अर्पित , रितेश ,सुखरित , विनीत और ट्विंकल जैसे कई अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर निकाले हैं, तथा इसी क्लब के बच्चे हरियाणा पुलिस ,रेलवे तथा आर्मी मे गवर्नमेंट जॉब में कार्यगर्त हैं। इन्हीं अचीवमेंट्स को देखते हुए हरियाणा सरकार के द्वारा द्रोणाचार्य बॉक्सिंग क्लब को सरकारी खेल नर्सरी दी गई और इसी नर्सरी के कई बच्चे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरीदाबाद जिले का नाम रोशन किया है !

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