कांग्रेस व उनके सहयोगी दलों की मानसिकता महिला विरोधी: दुष्यंत गौतम
कांग्रेस ने महिला बिल का विरोध कर उनके अधिकारों का क़त्ल किया : दुष्यंत गौतम

- कांग्रेस ने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा : दुष्यंत गौतम
- महिला आरक्षण पर कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा बेनकाब, देश की आधी आबादी का छीना हक़ : दुष्यंत गौतम
- भाजपा करेगी कांग्रेस के महिला विरोधी चेहरों को बेनकाब, चलाएगी जनजागरण अभियान दुष्यंत गौतम
फरीदाबाद, 24 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने फरीदाबाद स्थित भाजपा जिला कार्यालय अटल कमल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद के भीतर कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करके महिलाओं के अधिकारों का क़त्ल किया है। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया हो। कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को उनके संवैधानिक और राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को हक मिलना चाहिए था, लेकिन विपक्ष ने बिल गिराकर देश की 70 करोड़ महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के साथ विश्वासघात किया है।
दुष्यंत गौतम ने कहा कि कांग्रेस की नेता प्रियंका गाँधी ने स्वयं स्वीकार किया है कि महिला आरक्षण का विचार पंडित मोतीलाल नेहरू के समय से लंबित था, जब मोतीलाल नेहरु कांग्रेस के अध्यक्ष थे । इसके बाद जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के लंबे शासनकाल के बावजूद कांग्रेस महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने में विफल रही। यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस की नीयत कभी भी महिला सशक्तिकरण की नहीं रही।
उन्होंने 2010 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के दबाव में जब महिला आरक्षण विधेयक संसद में लाया गया था, तब कांग्रेस के सहयोगी समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने संसद में विधेयक की प्रति तक फाड़ दी थी। कांग्रेस ने उस समय भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा नहीं की। दुष्यंत गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने महिलाओं को केवल वादे नहीं, बल्कि वास्तविक अधिकार दिए हैं। भाजपा ने अपने संगठन में राष्ट्रीय स्तर से लेकर मंडल स्तर तक महिलाओं को 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की है। प्रधानमंत्री मोदी स्पष्ट रूप से कहते हैं कि यह महिलाओं पर कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका अधिकार है।
राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि 16-17 साल बाद भाजपा सरकार जब नारी शक्ति वंदन विधेयक लेकर आई तब भी कांग्रेस का रवैया महिला विरोधी रहा। आज देश की महिलाएं पंचायत से लेकर संसद तक, विज्ञान से लेकर सेना तक, अंतरिक्ष से लेकर तकनीक तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि जब महिलाएं चंद्रमा तक पहुंच सकती हैं, सेना में सेवा दे सकती हैं, देश का नेतृत्व कर सकती हैं तो उन्हें संसद और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व क्यों न मिले?
दुष्यंत गौतम ने विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी नहीं चाहते कि सामान्य परिवारों की बेटियां, माताएं और बहनें संसद और विधानसभाओं तक पहुंचें। उन्हें डर है कि यदि आम घरों की महिलाएं नेतृत्व में आएंगी तो इनके परिवार की महिलाओं का कद कम हो जायेगा, इनकी परिवारवादी राजनीति की जड़ें कमजोर पड़ जाएंगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने तीन तलाक समाप्त करने, ड्रोन दीदी, लखपति दीदी और महिला स्वावलंबन से जुड़ी अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का अभूतपूर्व कार्य किया है। यही कारण है कि देश की माताएं-बहनें आज भाजपा के साथ मजबूती से खड़ी हैं।
दुष्यंत गौतम ने कहा सभी को आश्चर्य होगा कि परिसीमन के बाद कर्नाटका में 28 से 42 सीटें होती, आंध्र में 25 से 38 होती, तेलंगाना में 17 की 26 होने वाली थी इन सभी राज्यों में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ने वाली थी, लेकिन कांग्रेस ने उन राज्यों को भी गुमराह करने का काम किया है।
दुष्यंत गौतम ने सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण मिले जोकि संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भारत में धर्म के अनुसार आरक्षण नहीं मिलता। कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने सुनियोजित साजिश के तहत महिला आरक्षण विधेयक को रोकने का प्रयास किया, ताकि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार न मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने सुनियोजित रणनीति के तहत विधेयक को गिराया जो उनकी सोची समझी राजनीतिक चाल थी। भाजपा चाहती थी महिलाओं को 2029 के चुनाव में 33 प्रतिशत भागीदारी मिले लेकिन कांग्रेस के नेता नहीं चाहते थे कि महिलाओं को उनका हक़ मिले, इसलिए विपक्ष ने महिलाओं के हकों की हत्या की है।
दुष्यंत गौतम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव महिलाओं के समान अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। भाजपा महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। देश की माताएं और बहनें महिला विरोधी दलों को कभी माफ नहीं करेंगी। आज देशभर की महिलाएं अपने मताधिकार का प्रयोग कर इन दलों के खिलाफ अपना स्पष्ट विरोध दर्ज करा रही हैं। चुनावों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इसका प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने वाले दलों को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। भाजपा ऐसे महिला विरोधी चेहरों को बेनकाब करेगी और उनके खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी। गांव-गांव, बूथ-बूथ तक पहुंचकर महिलाओं के अधिकारों पर कुठाराघात करने वालों की भर्त्सना की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी राजनीतिक दल महिलाओं के अधिकारों को छीनने का दुस्साहस न कर सके।
प्रेस वार्ता में पूर्व शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा, महापौर प्रवीण बतरा जोशी, जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, जिला उपाध्यक्ष सीमा भारद्वाज, जिला मीडिया प्रभारी विनोद गुप्ता, कार्यालय सचिव राज मदान, अनीता शर्मा, भारती भाकुनी, राजबाला सरदाना, अलका भाटिया, प्रभा सोलंकी, शालिनी मंगला, अरुणिमा सिंह उपस्थित रहे।



