अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध मादक पदार्थ तस्करी विरोधी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

फरीदाबाद, 26 जून। अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध मादक पदार्थ तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर नशा मुक्ति केंद्र, सेक्टर-14, फरीदाबाद में जागरूकता कार्यक्रम एवं रैली का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम साप्ताहिक नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के चौथे दिन आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।
पुरुषोत्तम सैनी, उप अधीक्षक रेडक्रॉस सोसायटी, फरीदाबाद ने नशा विरोधी जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित मरीजों, युवाओं एवं आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रतिष्ठा एवं पारिवारिक सुख-शांति को प्रभावित करती है। उन्होंने सभी से नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग एवं उचित परामर्श के माध्यम से नशे की लत पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित मरीजों एवं प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने बताया कि नशा न केवल शरीर को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों एवं सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
नशा मुक्ति केंद्र, सेक्टर-14 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर धर्मेंद्र कसाना ने उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया तथा कहा कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह नशा मुक्त वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दे। उन्होंने बताया कि जागरूकता, परामर्श एवं सामुदायिक सहयोग के माध्यम से नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम में अशोक (काउंसलर), भीम (काउंसलर), पूजा त्यागी (स्टाफ नर्स), अमर तथा केंद्र के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त नेहरू कॉलेज के प्रशिक्षणार्थी विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में एस.एल.सी.ए. से ज्योति मैडम तथा सेक्टर-12 कोर्ट से आए प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। उन्होंने उपस्थित मरीजों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया तथा आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क कानूनी परामर्श एवं सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में कानूनी जागरूकता एवं सामाजिक सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है।



