हरियाणा पुलिस की ‘शगुन योजना’ बनी पुलिस परिवारों का सहारा, बेटी के विवाह पर पुलिस कर्मचारी को ₹2.50 लाख की आर्थिक सहायता

पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, हिमाद्री कौशिक ने फरीदाबाद पुलिस के कर्मचारी को शगुन योजना के तहत ₹2.50 लाख का चेक प्रदान किया

फरीदाबाद : हरियाणा पुलिस अपने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए पुलिस महानिदेशक, हरियाणा अजय सिंघल के मार्गदर्शन में संचालित ‘शगुन योजना’ पुलिस कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी पहल के रूप में प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से पुलिस कर्मचारियों की बेटियों के विवाह पर आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसी कड़ी में 30 जुलाई 2026 को पुलिस उपायुक्त मुख्यालय श्रीमती हिमाद्री कौशिक ने फरीदाबाद पुलिस के सहायक उप निरीक्षक सुंदर सिंह को उनकी पुत्री के विवाह के अवसर पर शगुन योजना के अंतर्गत ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपये) का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर लाभार्थी कर्मचारी ने हरियाणा पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए अत्यंत उपयोगी और संबल प्रदान करने वाली है।

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा पुलिस की शगुन योजना के तहत विभाग के पात्र कर्मचारियों को उनकी प्रत्येक पात्र पुत्री के विवाह पर ₹2.50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सुविधा अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह तक उपलब्ध है। योजना का उद्देश्य पुलिस कर्मचारियों पर विवाह संबंधी आर्थिक बोझ को कम करना तथा उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, हिमाद्री कौशिक ने कहा कि हरियाणा पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के कल्याण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी दिन-रात समाज की सुरक्षा और सेवा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में उनके परिवारों के सुख-दुख में सहभागी बनना विभाग की जिम्मेदारी है। शगुन योजना भी इसी सोच का परिणाम है, जो पुलिस परिवारों को आर्थिक सहयोग के साथ-साथ भावनात्मक संबल भी प्रदान करती है।

उन्होंने यह भी कहा कि फरीदाबाद पुलिस द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है कि विभाग की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र कर्मचारियों तक पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से पहुंचे, ताकि प्रत्येक पात्र पुलिस कर्मचारी और उसका परिवार इन योजनाओं से लाभान्वित हो सके।

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