तीन बैंक खातों से साइबर ठगों ने उड़ाए ₹1.81 लाख, बिना OTP के हुई ठगी

साइबर थाना सेंट्रल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार; ₹1.20 व 2 मोबाइल फोन बरामद

फरीदाबाद : फरीदाबाद पुलिस साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने बिना OTP के बैंक खातों से ₹1.81 लाख की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों से ₹1,20,000 नकद तथा वारदात में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पल्ला क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई थी कि 4 जून 2026 को उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके तीन अलग-अलग बैंक खातों से तीन ट्रांजेक्शनों के माध्यम से कुल ₹1,81,800 निकाल लिए गए और इस दौरान उसके मोबाइल पर किसी प्रकार का OTP भी प्राप्त नहीं हुआ, फिर भी खातों से राशि निकाल ली गई। जिसकी शिकायत पर साइबर थाना सेंट्रल में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता मद्देनजर साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबरों एवं बैंक खातों का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान पुलिस ने साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों की कड़ी को जोड़ते हुए 4 आरोपितों तक पहुंच बनाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जिनकी पहचान नीलू कुशवाह निवासी गांव रंगोली, जिला निवाड़ी (मध्य प्रदेश), कल्लू कुशवाह निवासी गांव राजापुर, जिला निवाड़ी (मध्य प्रदेश), मुकेश कुशवाह निवासी गांव निगोना खेड़ा, जिला झांसी (उत्तर प्रदेश) तथा निशांक शर्मा निवासी गांव टहरौली, जिला झांसी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपित कल्लू कुशवाह इस मामले में बैंक खाताधारक है। उसने अपना बैंक खाता अपने दोस्त नीलू कुशवाह को उपलब्ध कराया था। कल्लू के खाते में साइबर ठगी की ₹69,500 की राशि प्राप्त हुई थी। इसके बाद नीलू ने उक्त बैंक खाता अपने परिचित मुकेश कुशवाह को उपलब्ध कराया और मुकेश ने इसे आगे निशांक शर्मा को सौंप दिया। निशांक ने टेलीग्राम के माध्यम से यह बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया, जिसके जरिए ठगी की राशि का लेन-देन किया गया।

फरीदाबाद पुलिस की नागरिकों से अपील है कि वे अपने बैंक खातों, डेबिट/क्रेडिट कार्ड एवं इंटरनेट बैंकिंग से संबंधित जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें और ना ही अंजान लिंक पर क्लिक कर एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करें। यदि खाते से कोई संदिग्ध लेन-देन दिखाई दे तो तत्काल संबंधित बैंक से संपर्क करें तथा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को होल्ड कराया जा सके।

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