साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में फरीदाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर थाना बल्लभगढ़ व साइबर थाना NIT ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

मामला-1 : ऑनलाइन टास्क व फर्जी निवेश के नाम पर ₹25.80 लाख की साइबर ठगी, साइबर थाना बल्लभगढ का मामला

शिकायतकर्ता अनुसार 20 दिसंबर 2025 को उसके Telegram अकाउंट पर पार्ट-टाइम जॉब का ऑफर आया। ठगों ने ऑनलाइन टास्क पूरा करके निवेश करने पर अधिक मुनाफा देने का झांसा दिया। शुरुआत में शिकायतकर्ता ने ₹5,000, ₹9,000 और ₹2,000 विभिन्न UPI आईडी पर भेजे। कुछ समय बाद उसे मामूली लाभ वापस मिला, जिससे उसका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर लगातार बड़ी रकम निवेश करवाई। बाद में तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर कहा गया कि उसकी राशि फंस गई है और अधिक पैसे जमा करने पर पूरी रकम मुनाफे सहित वापस मिल जाएगी। आरोपियों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 30 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹25,80,728 ट्रांसफर कर दिए। जब उसने अपनी राशि वापस मांगी तो ठगो संपर्क करना बंद कर दिया।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने 26 जुलाई को राजस्थान के कोटपुतली जिले के गांव नौरंगपुर निवासी हरिश चन्द्र को उसके घर से गिरफ्तार किया। जिसने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसमें ठगी के ₹2.10 लाख प्राप्त हुए थे। आरोपित को माननीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

मामला-2 : शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर ₹9.66 लाख की साइबर ठगी, साइबर थाना NIT का मामला

इस मामले में ग्रीन फील्ड कॉलोनी, सेक्टर-43, फरीदाबाद निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 8 अक्टूबर 2025 को उसे एक विदेशी नंबर से WhatsApp कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम Amelia Reid बताते हुए स्वयं को Mew Wealth Private Limited का सहायक बताया और शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का दावा किया। इसके बाद शिकायतकर्ता से निवेश के लिए अकाउंट खुलवाया और अलग-अलग UPI आईडी एवं बैंक खातों में निवेश के नाम पर रकम जमा करवाई। इस प्रकार शिकायतकर्ता से अक्टूबर 2025 में ₹9,66,000 की ठगी की गई।

साइबर थाना NIT की टीम ने राहुल निवासी मरहिया, जिला शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी तिलक नगर, दिल्ली, सचिन कुमार निवासी पांडव नगर, दिल्ली, हाल निवासी तिलक नगर, दिल्ली तथा लालबाबू निवासी मध्यापुर, जिला मधुबनी (बिहार), हाल निवासी जनकपुरी, दिल्ली को गिरफ्तार किया है। जिनसे पूछताछ में सामने आया कि तीनों आपस में परिचित हैं। राहुल और लालबाबू ने संयुक्त बैंक खाता खुलवाकर सचिन को उपलब्ध कराया था, जिसको सचिन ने साइबर ठगों तक पहुंचा दिया। इस खाते में साइबर ठगी के ₹2 लाख प्राप्त हुए थे। आरोपितों को जेल भेज दिया गया है।

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