पुलिस चौकी प्रभारियों को आधुनिक पुलिसिंग का प्रशिक्षण, ई-साक्ष्य, सीसीटीएनएस एवं शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर दिया गया विशेष मार्गदर्शन

फरीदाबाद पुलिस की पहल; अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर

फरीदाबाद, 31 जुलाई। फरीदाबाद पुलिस द्वारा अपराध अनुसंधान को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने तथा आमजन को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को लघु सचिवालय, सेक्टर-12 स्थित सीसीटीएनएस लेब में एक विशेष प्रशिक्षण सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का आयोजन पुलिस आयुक्त सेंट्रल राजीव कुमार की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें फरीदाबाद पुलिस के सभी पुलिस चौकी प्रभारियों ने भाग लिया।

पुलिस प्रवक्ता अनुसार सेमिनार का मुख्य उद्देश्य चौकी प्रभारियों को आधुनिक तकनीकों, डिजिटल साक्ष्य तथा शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के संबंध में प्रशिक्षित करना था, ताकि प्रत्येक स्तर पर पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक दक्ष एवं पारदर्शी बनाया जा सके।

ई-साक्ष्य ऐप

प्रशिक्षण के दौरान चौकी प्रभारियों को ई-साक्ष्य (e-Sakshya) ऐप के प्रभावी उपयोग एवं उसमें वर्णित दिशा-निर्देशों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उनको बताया गया कि आपराधिक घटनास्थल पर पहुंचने के बाद किस प्रकार मोबाइल ऐप के माध्यम से घटनास्थल का फोटो एवं वीडियो दस्तावेजीकरण करना है, साक्ष्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रिकॉर्ड करना है तथा उन्हें सुरक्षित रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना है।

प्रशिक्षण में ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से घटनास्थल के वैज्ञानिक निरीक्षण, डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संकलन, समयबद्ध अपलोडिंग, साक्ष्यों की प्रामाणिकता बनाए रखने, आवश्यक विवरण सही तरीके से दर्ज करने तथा अनुसंधान के दौरान ऐप में निर्धारित सभी प्रक्रियाओं का पालन करने संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। अधिकारियों को यह भी बताया गया कि ई-साक्ष्य ऐप का सही एवं प्रभावी उपयोग न्यायालय में साक्ष्यों की विश्वसनीयता बनाए रखने तथा अनुसंधान को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक एवं मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS)

सेमिनार में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) के प्रभावी संचालन पर विस्तृत जानकारी दी गई। सेमिनार के दौरान बताया गया कि सीसीटीएनएस पुलिसिंग को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रणाली है, जिसके माध्यम से एफआईआर, जांच, गिरफ्तारी, आरोपियों का रिकॉर्ड, केस डायरी, संपत्ति का विवरण, वारंट, गुमशुदगी, बरामदगी तथा अन्य पुलिस रिकॉर्ड का ऑनलाइन प्रबंधन किया जाता है।

चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि सभी मामलों की जानकारी समय पर सीसीटीएनएस पोर्टल पर अपडेट करें, ताकि राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों और अपराध संबंधी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके तथा अनुसंधान में पारदर्शिता और गति बनी रहे।

शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण

सेमिनार के दौरान शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ लिया जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच कर उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्हें बताया गया कि शिकायतकर्ता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, जांच की प्रगति से समय-समय पर अवगत कराया जाए तथा प्रत्येक शिकायत का रिकॉर्ड, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रखा जाए। साथ ही लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा कर अनावश्यक विलंब से बचने तथा पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश भी दिए गए।

साइबर फ्रॉड पर जागरूकता कार्यक्रम

सेमिनार के दौरान पुलिस चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वह अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम कर लोगों को साइबर फ्रॉड के बारे में जागरूक करें और खासकर डिजिटल अरेस्ट के बारे में विस्तृत जानकारी आमजन को दें। लोगों को बताया जाये कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट का कोई भी प्रावधान नहीं है।

जनविश्वास बढ़ाने के लिए आधुनिक एवं जवाबदेह पुलिसिंग आवश्यक

सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए पुलिस आयुक्त सेंट्रल राजीव कुमार ने कहा कि आधुनिक समय में पुलिसिंग केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीक का प्रभावी उपयोग, डिजिटल साक्ष्यों का सही संरक्षण तथा नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक चौकी प्रभारी आमजन और पुलिस के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को कानून के अनुरूप, संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह तरीके से कार्य करते हुए नागरिकों का विश्वास मजबूत करना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने दैनिक कार्यों में करें तथा आधुनिक तकनीकों का अधिकतम लाभ उठाकर अपराध अनुसंधान एवं पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएं।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!