मीडिया विद्यार्थियों के लिए ‘फिल्म समीक्षा एवं समालोचना’ पर कार्यशाला का आयोजन

फरीदाबाद, 18 अगस्त। जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एमएजेएमसी के विद्यार्थियों के लिए ‘फिल्म समीक्षा एवं समालोचना लेखन’ विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म समीक्षक दीपक दुआ मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यशाला के दौरान दीपक दुआ ने विद्यार्थियों को सिनेमा के गहन विश्लेषण और उसकी सूक्ष्मताओं को समझने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। उन्होंने ‘स्त्री’ और ‘सुपर 30’ जैसी प्रमुख फिल्मों के उदाहरण देते हुए समझाया कि किस तरह निर्देशक अपनी कहानी में प्रतीकात्मक दृश्यों, दृश्य रूपकों और पात्रों के माध्यम से गहरे संदेश छिपाते हैं। उन्होंने कहा कि एक सामान्य दर्शक फिल्म केवल मनोरंजन के लिए देखता है, जबकि एक समीक्षक का दायित्व फिल्म के निहित विषयों, कलात्मक विकल्पों और तकनीकी पहलुओं को डिकोड कर दर्शकों के सामने एक संतुलित समीक्षा प्रस्तुत करना होता है।दीपक दुआ ने पेशेवर फिल्म समीक्षा के लिए निष्पक्ष मूल्यांकन, बॉक्स ऑफिस आंकड़ों की जगह फिल्म की शिल्प कला पर ध्यान देने, आकर्षक शीर्षक और भाषा पर मजबूत पकड़ को अनिवार्य बताया।

विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने बताया कि डिजिटल युग में मीडिया का दायरा तेजी से बदल रहा है। इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं मिलता, बल्कि वे उद्योग के विशेषज्ञों से सीधे जुड़कर व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक दृष्टि विकसित करते हैं। फिल्म पत्रकारिता के क्षेत्र में नए अवसरों को देखते हुए यह कार्यशाला हमारे छात्रों के कौशल विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तरी सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने डिजिटल मीडिया के दौर में पत्रकारिता की सत्यनिष्ठा और सिनेमा को विश्लेषणात्मक नजरिए से देखने पर चर्चा की। कोऑर्डिनेटर सहायक प्रोफेसर सोनिया हुड्डा और डॉ.मौसम कुमार ने विशेषज्ञ दीपक दुआ का धन्यवाद व्यक्त किया।

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