केन्द्रीय ट्रेड यूनियन व कर्मचारी संगठन 22 मई को प्रदेश के हजारों केन्द्रों पर अपनी आवाज बुलंद करेंग

फरीदाबाद 20 मई। केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर राज्य भर में हजारों केन्द्रों पर मजदूर व कर्मचारी प्रतिरोध कार्यवाहियां करेंगे। भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा मजदूर व गरीब लोगों तक राहत न पंहुचाने, श्रम कानूनों को खत्म करने, सार्वजानिक क्षेत्र को तहस-नहस करने के प्रयासों का पूरजोर विरोध होगा।
केन्द्रीय आह्वान के तहत उक्त फैसला ट्रेड यूनियन नेताओं की वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में इंटक के राज्य प्रधान अमित यादव, महासचिव धर्मबीर लोहान, एटक के राज्य महासचिव बेचू गिरी, सीटू के राज्य अध्यक्ष सुरेखा, महासचिव जयभगवान, एचएमएस के प्रधान एच डी त्यागी, महासचिव सुरेन्द्र लाल, एआईयूटीयूसी के राज्य सचिव हरिप्रकाष, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेष अध्यक्ष सुभाष लांबा, हरियाणा कर्मचारी महासंघ के वीरेन्द्र धनखड़, संयुक्त कर्मचारी मंच के प्रधान आर के नागर, हरियाणा बैंक एम्लाईज फैडेरेषन के राजेष बसंल आदि ने भाग लिया। संगठन नेताओं ने कहा कि भुख से बेहाल करोड़ों मजदूरों व गरीब लोगों तक अभी भी सरकार मदद पंहुचाने में नाकाम रही है। सरकार अपनी घोषणाओं व निर्देषों के बावजूद मालिकों द्वारा लोक डाउन की अवधि के वेतन नहीं दिलवा पा रही है। सरकारी तंत्र की विफलता के कारण सडक़ दुर्घटना, रेल दुर्घटना और जगह जगह पुलिस के लाठी चार्ज से अपने घरों को जाते पैदल मजदूरों के खून से सडक़ें लाल हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस महामारी की आड़ में मजदूरों के लिए बने कानूनों को खत्म किया जा रहा है। काम के घंटे 12 कर दिए गए हैं। कर्मचारियों व पैंषनर्स के डीए, एलटीसी पर रोक लगा दी है। कर्मचारियों की भर्ती पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यही नहीं सरकारी व सार्वजनकि क्षेत्र को पूंजीपतियों के लिए खोल दिया गया है। भाजपा का पूंजीपतियों की गोद में खेलने का असली चेहरा सामने आ रहा है। जो काम वह पहले करना चाहती थी, अब लाकडाउन में कर रही है ताकि इसके खिलाफ आवाज न उठ सके। ट्रेड यूनियन नेताओ ने कहा कि 22 मई को प्रदेश के हजारों केन्द्रों पर मजदूर, कर्मचारी, स्कीम वर्कर्स, कच्चे व ठेके के मजदूर कर्मचारी उचित शारारिक दूरी का ध्यान रखते हुए अपनी आवाज बुलंद करेंगे।



