अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम दिवस पर बाल श्रम समाप्त करने का आह्वान

फरीदाबाद, 12 जून ! प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में जूनियर रेडक्रॉस, सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड, गाइडस, द राइजिंग तमसो मा ज्योतिर्गमय संस्था के अध्यक्ष तरुण शर्मा तथा जिला कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम दिवस पर बाल श्रम समाप्त करने का आह्वान किया गया। विद्यालय की जूनियर रेड क्रॉस तथा एस जे ए बी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री दीपक गुप्ता के दिशा निर्देशानुसार एवं श्री मंगलेश कुमार चौबे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की देखरेख में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  की टीम  पैनल एडवोकेट रविंद्र गुप्ता, राजेंद्र गौतम तथा रामवीर तंवर के साथ बाल श्रम समाप्त करने और उन को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए सार्थक प्रयास करने की जरूरत पर बल दिया गया।

प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि बच्चों की समस्याओं पर विचार करने के लिए एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय प्रयास उस समय हुआ, जब अक्टूबर 1990 में न्यूयार्क में इस विषय पर एक विश्व शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें 151 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा गरीबी, कुपोषण व भुखमरी के शिकार विश्व भर के करोड़ों बच्चों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया ।पूरी दुनिया के लिये बाल श्रम की समस्या एक चुनौती बनती जा रही है। विभिन्न देशों द्वारा बाल श्रम पर प्रतिबंध लगाने के लिये समय समय पर विभिन्न प्रकार के कदम उठाए गए हैं। इस क्रम में विश्व भर में बाल श्रम की क्रूरता को समाप्त करने के लिये हर साल 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है। बाल श्रम को समाप्त करने के लिये विभिन्न देशों द्वारा प्रयास किये जाने के बाद भी इस स्थिति में सुधार न होना चिंतनीय है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस की शुरुआत अंतर्राष्ट्रीय संगठन द्वारा वर्ष 2002 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बाल श्रम की वैश्विक सीमा पर ध्यान केंद्रित करना और बाल श्रम को पूरी तरह से समाप्त करने के लिये आवश्यक प्रयास करना है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा जारी रिपोर्ट से पता चलता है कि बाल श्रम को दूर करने में हम अभी बहुत पीछे हैं।

प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि खुशी, निशा, संध्या, सान्या, अंजलि, काजल और चितवन ने ई पेटिंग और ई स्लोगन लिख कर बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए बच्चों को विद्यालय में और शिक्षा ग्रहण करने की जरूरत पर बल दिया। विद्यालय की शिक्षिका जसनीत कौर तथा हेमा ने भी शिक्षा की प्रमुख हथियार बताया जिस की अलख जगा कर बचपन को बाल श्रम से मुक्त कर सकते हैं। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा तथा इस अवसर पर द राइजिंग तमसो मा ज्योतिर्गमय के प्रेसिडेंट तरुण शर्मा ने तथा रविन्द्र गुप्ता ने भी बच्चों को शिक्षा देने के प्रयासों में तीव्रता लाने का आह्वान किया।

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