गौकशी के मुकदमे में 5 साल से फरार चल रहे 5000 के इनामी बदमाश मुफ्फी को क्राइम ब्रांच 56 ने किया गिरफ्तार

फरीदाबाद: डीसीपी क्राइम मुकेश कुमार मल्होत्रा तथा एसीपी क्राइम सुरेंद्र श्योराण श्योराण के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच 56 प्रभारी सुंदर सिंह की टीम ने गौकशी के मुकदमे में फरार चल रहे 5000 के इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस द्वारा इस मामले में आरोपी के चार अन्य साथियों रहीस, नासिर, शहजाद तथा खली को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम मोहम्मद मुनफेद उर्फ मुफ्फि है जो मेवात के सलाहेड़ी गांव का रहने वाला है। जुलाई 2017 में सेक्टर 58 थाने में गोकशी तथा हत्या का प्रयास करने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था जिसमें आरोपी अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर गोकशी करते समय गौरक्षक दल पर हमला करके फरार हो गए थे। गौरक्षकों को सूचना मिली थी कि आरोपी दुर्गा कॉलोनी से गाय भरकर बोलरो गाड़ी में जा रहे हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए गौरक्षक टीम मौके पर पहुंची तो उन्हें देखते ही आरोपियों ने गाड़ी भगा ली। गौरक्षक टीम ने आरोपियों का पीछा किया। गाड़ी जब जेसीबी कंपनी के पास पहुंची तो तेज गति होने के कारण गाड़ी वहां पर खोदी हुई नाली की मिट्टी में फंस गई। गौ तस्करों ने गाड़ी का पीछा कर रहे गौरक्षक दल पर जान से मारने की नियत से फायर किया जिसमें गौ रक्षक बाल बाल बच गए। गौ रक्षक दल ने एक आरोपी रहीस को मौके से काबू कर लिया और बाकी आरोपी मौके से फरार हो गए। आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया। इसके पश्चात आरोपियों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

पुलिस ने मामले में आगे कार्रवाई करते हुए आरोपी नासिर, शहजाद तथा खली को गिरफ्तार कर लिया परंतु आरोपी मुफ्फी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए ठिकाना बदल बदलकर रहने लगा। आरोपी पर पुलिस विभाग द्वारा ₹5000 का इनाम भी घोषित किया गया था। आगे की कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूत्रों की सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मेवात में ड्राइवरी का काम करता है और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ पूरी होने के पश्चात आरोपी को अदालत में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

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