शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी का 162वां बलिदान दिवस मनाया गया

फरीदाबाद, 20 मार्च । अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी चौक एनआईटी पर लोधी राजपूत जनकल्याण समिति फरीदाबाद के पदाधिकारियों द्वारा शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी का 162 वां बलिदान दिवस समारोह मनाया गया। समिति के संस्थापक लाखन सिंह लोधी ने बताया कि अवंती बाई लोधी का जन्म जबलपुर और शिवनी जिलों की सीमा पर स्थित ग्राम मनकेड़ी के जमींदार राव जुझार सिंह लोधी के परिवार में 16 अगस्त 1831 को हुआ था। इनका विवाह रामगढ़ के राजा विक्रमादित्य के साथ हुआ था तथा इनके दो पुत्र कुंवर अमान सिंह और शेर सिंह लोधी थे।

20 मार्च 1858 को कैप्टन वाडिंगटन, लेफ्टिेनेंट वार्टन, लेफ्टिनेंट काकवर्न पीछे से रीवा नरेश ने हमला किया। 18 दिनों तक देवहारगढ़ की पहाडिय़ों में छापामार युद्ध हुआ और अंत में रानी के बायें हाथ में गोली लगी और सेना धीरे-धीरे कम होती जा रही थी। चारों तरफ से कोई भी बचने का रास्ता नहीं था, रानी ने स्वयं की तलवार से शहीद हो गई। ऐसी क्रांति की महान वीरांगना के बलिदान दिवस पर आओ हम सभी शत्-शत् नमन करते है।

आज शहीद अवंती बाई लोधी के 162वें बलिदान दिवस पर समिति द्वारा शहीद के नाम से चौक पर पौधारोपण कर पर्यावरण स्वच्छ बना रहे-एक छोटा सा प्रयास ग्रीन चौक-क्लीन चौक। हमारी भारत सरकार और राज्य से अपील की है कि ऐसी महान क्रांतिकारी नायिका की जीवनी पाठ्यक्रम में सम्मलित करें। जिससे युवा पीढ़ी को पता चलें कि हमें आजादी कैसे मिली, इससे राष्ट्र प्रेम जैसी भावनाऐं संबल होगी। इस अवसर पर अध्यक्ष रूप सिंह लोधी, संस्थापक लाखन सिंह लोधी, धर्मपालसिंह, लोधी, होतीलाल लोधी, महिपाल सिंह लोधी, प्रेम सिंह, जितेन्द्र, अमरीश, सतीश कुमार व नेमपाल,आदि उपस्थित रहे।

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