भारत माता के वीर सपूतों व उनके परिजनों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए किया नमन

फरीदाबाद : राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा फरीदाबाद में प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में जूनियर रेडक्रॉस, गाइड्स और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर विशेष कार्यक्रम में भारत माता के वीर सपूतों व उनके परिजनों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए नमन किया। सशस्त्र सेना झंडा दिवस देश के नाम आपना जीवन करने वाले दिव्यांग पूर्व सैनिकों, युद्ध में वीर गति प्राप्त हुए सैनिकों की विधवाओं और बलिदानियों के परिवार जनों की देखभाल करने के लिए मदद सुनिश्चित करता है और उनके प्रति हमारी प्रतिबद्धता और सम्मान का प्रतिक है।

प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा है सैनिक हमारे देश के कवच हैं जो देश को प्रत्येक खतरे और बुराइयों से बचाते हैं। सैनिक देश का गौरव हैं जो हमेशा देश का अभिमान बनके देश की रक्षा और मान बढ़ाते हैं। अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सैनिक अपने प्राणों तक बलिदान दे देते हैं और देश के दुश्मनों का मुहतोड़ जवाब देने के लिए हमारे वीर सेनानी हमेशा तैयार रहते हैं। सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड और जूनियर रेडक्रॉस प्रभारी प्रिंसिपल रविंद्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि भारत को स्वतंत्रता मिलने के पश्चात 28 अगस्त 1949 को भारत सरकार द्वारा भारतीय सेना के जवानों के कल्याण के लिए एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने सात दिसंबर को प्रतिवर्ष झंडा दिवस मनाने के लिए चुना। सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर किए गए धन संग्रह के तीन मुख्य उद्देश्य हैं युद्ध के समय हुई जनहानि में सहयोग, सेना में कार्यरत कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण तथा सहयोग के लिए और सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार का कल्याण। सशस्त्र बलों के वीरों का बलिदान, समर्पण व उनकी कर्मठता हम सभी के लिए महान प्रेरणा है।

प्राचार्य मनचंदा ने कहा कि देश के सम्मान की रक्षा के लिए हमारी सीमाओं पर बहादुरी से लड़ने वाले हमारे देश की तीनों सेनाओं के जवानों को कोटि कोटि नमन। हम अपने सभी वीर सैनिकों के त्याग, अदम्य साहस और जीवटता के कारण सुरक्षित जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा की यह हमारे देश के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक कर्तव्य है कि वह इनकी देखभाल, सहायता, पुनर्वास और वित्तीय सहायता प्रदान करने की दिशा में स्वैच्छिक योगदान करें। झंडा दिवस देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों, दिव्यांग पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं, शहीदों के आश्रितों की देखभाल करने के लिए मदद सुनिश्चित करता है और उनके प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आज प्राचार्य मनचन्दा ने कक्षा बारहवीं की छात्राओं से कहा कि हमारे देश की तीनों सेनाओं के वीर सपूत हमारे लिए प्रेरणा स्त्रोत्र है और हमें भी उन्हीं के समान अपने कर्तव्यों का निर्वहन सत्यनिष्ठा से करना चाहिए।

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