विदेशी धरती से साइबर अपराधी काबू, फरीदाबाद पुलिस की बड़ी कामयाबी

शातिर था आरोपी, आसानी से ट्रेस ना हो इसलिए नेपाल के बुटवल में छिपा था

  • वर्चुअल SIM का करता था इस्तेमाल ताकि लोकेशन ना हो ट्रेस
  • वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का उपयोग कर खुद को समझ रहा था पुलिस की पहुंच से दूर
  • साइबर अपराध टीम थाना NIT ने जुटाए गए अहम सबूत, साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने नेपाल से किया काबू

फरीदाबाद : पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के कुशल नेतृत्व में फरीदाबाद पुलिस की साइबर थानों की टीम द्वारा साइबर ठागों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। एक ऐसे ही 49 लाख 50 हजार की ठगी के मामले में विदेशी धरती पर छिपे एक शातिर आरोपी को साइबर थाना सेंट्रल व एनआईटी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर, उसे ढूंढकर काबू करने में सफलता हासिल की है।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल अनुसार सैक्टर 21 D, फरीदाबाद वासी एक व्यक्ति ने 5 जुलाई 2024 को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके साथ शेयर मार्किट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 49 लाख 50 हजार रुपए का साइबर फ्रॉड हुआ था , जिस शिकायत पर थाना साइबर एनआईटी में धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

आरोपी वीरेंद्र वासी रोहतक ने अपनी जमानत की एवज में शिकायतकर्ता के साथ समझौते के नाम पर एक फर्जी डिमांड ड्राफ्ट देकर जमानत ले ली और उसके बाद फरार हो गया। जिस संबंध में आरोपी का दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ।

घटनाक्रम में आगे कार्रवाई करते हुए साइबर थाना NIT प्रभारी इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह व उप निरीक्षक चेतन ने आरोपी बारे अहम सबूत जुटाए गए , जिनके आधार साइबर थाना सेंट्रल प्रभारी इंस्पेक्टर विमल , सहायक उप निरीक्षक सत्येंद्र व मुख्य सिपाही मनोज की एक स्पेशल टीम नेपाल गई , जहां पर इस टीम ने कई दिनों तक स्मार्ट तकनीकी और चौकस कार्य करते हुए आरोपी वीरेंद्र को ढूंढ निकालकर काबू किया। आरोपी के संबंध में भारतीय दूतावास नेपाल काठमांडू से आवश्यक कार्यवाही के बाद 28.01.2026 को उसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लाया गया, जहां से साइबर थाना NIT की टीम द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से आरोपी को नीमका जेल फरीदाबाद में बंद कराया गया है।

फरीदाबाद पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया की आरोपी कितना भी शातिर और कितना भी दूर क्यों न हो , कानून व पुलिस से बच नहीं पाएगा

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