किराये पर गाड़ी दिलाने के नाम पर 1.20 लाख रुपये की साइबर ठगी का पर्दाफाश, 2 कॉलर सहित 4 आरोपी गिरफ्तार
साइबर थाना सेंट्रल की कार्रवाई, ठगी की पूरी राशि बरामद

फरीदाबाद : फरीदाबाद पुलिस, साइबर अपराधियों पर लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। जिसके निरंतर में साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने किराये पर गाड़ी उपलब्ध कराने के नाम पर 1,20,000 रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 2 कॉलर सहित कुल 4 आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। जिनकी पहचान गगन (35) निवासी लुधियाना, पंजाब, विशाल (21) निवासी आगरा, उत्तर प्रदेश, प्रवीण (26) निवासी धौलपुर, राजस्थान तथा मुकेश शर्मा निवासी मानसरोवर, दिल्ली के रूप में हुई है।
पुलिस प्रवक्ता अनुसार सेक्टर-29 निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 26 जून 2026 को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को ट्रांसपोर्टर बताते हुए किराये पर वाहन उपलब्ध कराने का झांसा दिया। भरोसा जीतने के बाद उसने विभिन्न ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से शिकायतकर्ता से कुल 1,20,000 रुपये बताये गये खातों में ट्रांसफर करवा लिये। रुपये प्राप्त होने के बाद न तो वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही रकम वापस की गई। खुद के साथ ठगी महसूस होने पर पीड़ित ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल नंबरों तथा डिजिटल साक्ष्यों का गहन अध्ययन करते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि विशाल और प्रवीण ने शिकायतकर्ता को फोन कर स्वयं को ट्रांसपोर्टर बताया और किराये पर गाड़ी उपलब्ध कराने का झांसा देकर रकम ट्रांसफर करवाई। वहीं गगन और मुकेश शर्मा ने गिरोह के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराया था।
जांच में पता चला कि मुकेश द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में ठगी की 50,000 रुपये की राशि तथा गगन द्वारा उपलब्ध कराए गए खाते में 70,000 रुपये ठगी के आये थे।
मुकेश स्नातक है और प्रॉपर्टी का कार्य करता है। मुकेश, विशाल का रिश्ते में फूफा लगता है, जबकि विशाल और प्रवीण आपस में मित्र हैं। तीनों ने उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक कमरा किराये पर लिया हुआ था, जहां बैठकर लोगों को कॉल कर इस प्रकार की साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए ठगी की पूरी राशि 1,20,000 रुपये बरामद कर ली है। सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपी गगन को जमानत मिल गई, जबकि विशाल, प्रवीण और मुकेश शर्मा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।



