शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 14,20,500 रूपये की धोखाधड़ी करने के मामले में साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

फरीदाबाद : आजकल के तकनीकी के दौर में टेक्नोलॉजी के सदुपयोग के साथ-साथ दुरुपयोग भी किया जा रहा है। जिसमें साइबर ठग तकनीकी का गलत उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। जिनके मामले फरीदाबाद में भी सामने आ रहे हैं। ऐसे ही शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने के एक मामले में साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने आरोपी अजय, दिलखुश व दिलीप को गिरफ्तार किया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि साइबर थाना सेंट्रल में सेक्टर 15 निवासी एक महिला ने दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि वह सोशल मीडिया पर सर्फिंग कर रही थी, जिस पर शेयर ट्रेडिंग का विज्ञापन देख में एक वाट्सअप ग्रुप में जुड़ गई। जिसका नाम किसी प्राइवेट बैंक के नाम पर था तथा ग्रुप की कॉर्डिनेटर व एक मेंटर ने खुद को प्राइवेट बैंक का मेंबर बताया और अपना आइडेंटिटी कार्ड भी दिखाया। जो कि वाट्सअप ग्रुप में सभी मेंबर शेयर मार्केट में पैसा लगाकर अच्छा लाभ कमा रहे थे। शिकायतकर्ता के द्वारा ग्रुप कॉर्डिनेटर से इंक्वायरी करने के बाद उन्होंने कथित निजी बैंक का SEBI के साथ रजिस्ट्रेशन दिखाया तथा अपना मुख्यालय मुंबई में बताया।जिसके बाद शिकायतकर्ता ने शेयर मार्केट में निवेश करने की रुचि दिखाई तो कथित ठगो ने शिकायतकर्ता से एक ऐप डाउनलोड करवाई जिसको यह निजी बैंक का इंटरनल इंस्टीट्यूशनल अकाउंट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताया। जिसके बाद शिकायकर्ता ने पहले दिन ठगो के कहने पर एक कंपनी के IPO के रूप में 1.5 लाख रूपये लगाए।तथा IPO लिस्टेड होने के बाद 87000 हजार का लाभ कमाया जब शिकायतकर्ता ने लाभ की रकम निकालनी चाही तो ठगो द्वारा 30 परसेंट कमीशन मांग गया जो शिकायतकर्ता द्वारा दे दिया गया जिसके बाद उसे लाभ के 85000 रूपये प्राप्त हो गए इसी क्रम में शिकायतकर्ता ने फिर 6 लाख रुपये IPO में निवेश किए और 2 लाख रूपये 30 परसेंट कमीशन देकर निकाल लिए। फिर ठगो द्वारा शिकायतकर्ता को कोर ग्रुप में जोड़ा गया जिसके लिए शिकायकर्ता को 30 लाख रुपये निवेश करने की शर्त रखी गई।तथा इस पर 30 परसेंट टैक्स के रूप में जमा करने को कहा।जो कि अल्पकालिक आय पर अग्रिम टैक्स जमा करने का कोई नियम नहीं है इस बात पर शिकायतकर्ता को शक हुआ जब शिकायकर्ता ने अपने निवेश के पैसे निकालने चाहे तो नहीं निकाल पाई तथा इस प्रकार शिकायतकर्ता ने कुल 17,05,500 रूपये का निवेश किया जिसमें 2,85,000 रूपये की निकासी प्राप्त हुई तथा 14,20,500 की ठगी हो गई।जिस संबंध में साइबर थाना सेंट्रल में ठगी का मामला दर्ज किया गया।
उन्होंने अधिक जानकारी देते हुए बतलाया कि साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अजय वासी किशनपुर बाजार, जयपुर हाल नर्सिगं कॉलोनी जयपुर, दिलखुश वासी गॉव मोहनपुरा सवाई माधोपुर हाल मुहाना मण्डी, जयपुर व दिलीप वासी गॉव मोहनपुरा, सवाई माधोपुर राजस्थान को गिरफ्तार किया है।
पुछताछ में सामने आया कि आरोपी अजय ने पहले गिरफ्तार विकाश का खाता खुलवाकर ठगों को दिया था वही दिलखुश खाताधारक है जिसने अपना खाता दिलीप को ठगी के लिए दिया था और दिलीप ने यह खाता आगे ठगों को दे दिया था। दिलखुश के खाता में ठगी के 13,30,000/- रूपये आये थे। अधिक पुछताछ में पता चला कि दिलखुश शराब ठेका पर सेल्स मेन का काम करता है और दिलीप LLB की पढाई करता है।
आरोपी अजय व दिलखुश को माननीय अदालत में पेश कर जेल भेजा वही दिलीप को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।



