‘धर्म नहीं तो देश भी नहीं बचेगा’, बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री की हिंदुओं से अपील

फरीदाबाद : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तीन राज्यों में सनातन हिंदू एकता पदयात्रा कर रहे हैं। दिल्ली से वृंदावन तक की यात्रा रविवार को फरीदाबाद में पहुंची। यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान बाबा बागेश्वर ने पदयात्रा का मकसद बताते हुए हिंदुओं से जागने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जातिवाद से उठकर राष्ट्रवाद के बारे में सोचना है।
बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया से बात की और कहा कि हिंदुओं के संरक्षण के लिए देश को धर्म, जाति और छुआछूत से मुक्त कराने के लिए हम तीन राज्यों दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पदयात्रा कर रहे हैं। अभी कुछ दिन हरियाणा में रुका जाएगा।

‘धर्म नहीं बचेगा तो देश नहीं बचेगा’
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि देश का हिंदू जाग जाए, देश सनातनियों का देश है और इस देश में किसी चीज को लेकर तनातनी नहीं है। इसके अलावा, हम लोगों को जातिवाद से उठाकर राष्ट्रवाद का महत्व बताते हुए जागरूक करना चाहते हैं। धर्म नहीं बचेगा तो देश नहीं बचेगा और देश नहीं बचेगा तो धर्म भी नहीं बचेगा। दोनों चीजें सबके लिए जरूरी हैं, इसलिए मैं कहता हूं कि देश की सेना वेतन के लिए नहीं बल्कि वतन के लिए काम करती है, इसलिए आज मंच से हमने सेना के लिए डोनेशन की अपील की है।

‘एक हो जाएं, आज नहीं तो कभी नहीं’
उन्होंने हिंदुओं से आह्वान किया कि एक हो जाएं, आज नहीं तो कभी नहीं। पदयात्रा में शामिल एक दृष्टिबाधित अनुयायी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि धर्म और जाति की दीवार ने हिंदुओं को तोडक़र रख दिया है और ऐसे में वह सभी हिंदुओं को दोबारा जोडऩे के लिए पदयात्रा का हिस्सा बने हैं। उन्होंने बागेश्वर धाम का किस्सा शेयर कर बताया कि साल 2024 में सबके सामने बाबा की उम्र खुद को लगने की बात कह दी थी और बाबा बागेश्वर ने इस बात से खुश होकर अपना कुर्ता दे दिया था।
16 नवंबर तक चलने वाली है हिंदू एकता पदयात्रा
सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025, 7 नवंबर से शुरू होकर 16 नवंबर तक चलने वाली है। छत्तरपुर के कात्यायनी मंदिर से शुरू हुई यात्रा वृंदावन तक जाएगी। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सोशल मीडिया पर पदयात्रा से जुड़ी झलकियां शेयर कर रहे हैं और लोगों से ज्यादा से ज्यादा पदयात्रा से जुडऩे की अपील कर रहे हैं।



