स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 की फाइनलिस्ट टीमों को जे.सी. बोस विश्वविद्यालय इनक्यूबेशन सपोर्ट देगा

विश्वविद्यालय में छात्रों के स्मार्ट एजुकेशन सॉल्यूशन को लागू करने का प्रस्ताव

– कुलगुरु ने प्रतिभाओं को नवाचार में सहयोग देने का आश्वासन दिया

– कहा, गुजरात के आई-हब से साझेदारी कर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की योजना

फरीदाबाद, 16 दिसंबर : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने आज स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विश्वविद्यालय की टीमों को एक समारोह में सम्मानित किया तथा उन्हें विश्वविद्यालय के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर में लगभग 5 लाख रुपये मूल्य की निःशुल्क इनक्यूबेशन सुविधाएं प्रदान करने के पेशकश की, जिसमें वर्कस्टेशन, मेंटरशिप, कानूनी सहयोग तथा नेटवर्किंग अवसर शामिल हैं ताकि उनकी सॉल्यूशन-आधारित विचारों को पोषित किया जा सके।

इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सभी डीन और शिक्षण विभागों के अध्यक्ष उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. अजय रँगा, आईपीआर, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एवं स्टार्टअप डिवीजन के प्रभारी प्रो. संजीव गोयल तथा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल की अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल उपस्थित थे।

विजेता टीम ‘कैफीन ओवरफ्लो’ द्वारा विकसित “स्मार्ट क्लासरूम एंड टाइमटेबल शेड्यूलर” स्मार्ट एजुकेशन सॉल्यूशन जिसने आईआईटी धनबाद में आयोजित एसआईएच 2025 ग्रैंड फिनाले के सॉफ्टवेयर एडिशन में प्रथम पुरस्कार जीता, से प्रभावित होकर कुलगुरु प्रो राजीव कुमार ने इसे विश्वविद्यालय में लागू करने प्रस्ताव रखा तथा टीम को इसे व्यावसायिक उत्पाद के रूप में मूल्यांकन करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभ में इसे विभागीय स्तर पर तथा बाद में विश्वविद्यालय स्तर पर लागू किया जायेगा।

प्रो. कुमार ने टीम “ऑरा फार्मर्स” को, जिसने इसरो की समस्या “यूज ऑफ मोबाइल फोन मेजरमेंट्स टू इनेबल सेफ ऑटोनॉमस नेविगेशन ऑन रोड्स” पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया, को इसरो के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने तथा अपने इनोवेशन को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रतिभाशाली छात्रों को सहयोग करने के लिए मजबूत व्यवस्था-तंत्र मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की गुजरात स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन हब (आई-हब) की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर कैंपस स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की योजना है।

प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि एसआईएच 2025 ग्रैंड फिनाले में प्रथम पुरस्कार जीतने की यह उल्लेखनीय सफलता हमारे छात्रों एवं फैकल्टी की इनोवेटिव भावना तथा कड़ी मेहनत का प्रमाण है।

उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय की टीम “कैफीन ओवरफ्लो”, जिसमें संजीवन कुमार (टीम लीडर), इशान्वी रीत, सृष्टि राठी, आरजू, तुषार भड़ाना तथा प्रमोद कुमार शामिल रहे तथा जिनका मार्गदर्शन डॉ. पायल गुलाटी ने किया, ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर पर स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025 को जीता है। विजेता टीम को 1.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार तथा एआईसीटीई द्वारा औद्योगिक इंटर्नशिप का अवसर प्राप्त हुआ है।

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