लोधी राजपूत जनकल्याण समिति फरीदाबाद ने झण्डा सत्याग्रह आन्दोलन 1935 के महान क्रांतिकारी युवा अमर बलिदानी गुलाब सिंह लोधी जी का 90वां बलिदान दिवस मनाया

फरीदाबाद, 23 अगस्त (मनीष शर्मा) : लोधी राजपूत जनकल्याण समिति फरीदाबाद ने अपने समिति कार्यालय पर झण्डा सत्याग्रह आन्दोलन 1935 के महान क्रांतिकारी युवा अमर बलिदानी गुलाब सिंह लोधी जी का 90वां बलिदान दिवस मनाया। इस अवसर पर मुख्य रूप से ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष भगवान सिंह, भाजपा वरिष्ठ नेता सुरेश पाठक ने दीप प्रज्ज्वलित कर उपस्थित सभी ने नमन् किया।
समिति के संस्थापक, महासचिव लाखनसिंह लोधी ने अमर बलिदानी गुलाब सिंह लोधी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनका जन्म 3 मई 1903 को उन्नाव जिले के ग्राम चंद्रिकाखेडा फतेहपुर चौरासी में श्रीरामरतन लोधी किसान परिवार में हुआ था।
देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों ने 23 अगस्त 1935 को झण्डा सत्याग्रह आन्दोलन के अन्तर्गत लखनऊ के अमीनाबाद पार्क तिरंगा फहराने का निश्चय किया। यह बात ब्रिटिश सरकार को कतई बर्दाश्त नहीं थी, फलस्वरूप पार्क के चारों ओर सैनिकों की और भी गस्त बढ़ा दी गई। जब जत्थे के जत्थे पार्क की ओर आते तो सैनिक उन्हें खदेड़ कर बाहर कर देते थे। ऐसे ही एक जत्थे में युवा क्रांतिकारी गुलाब सिंह लोधी आये उनके हाथ में एक पैना (हल में जुते बैलों को हांकने वाली लकड़ी) सैनिकों ने जैसे ही खदेडऩा शुरू किया तो अवसर पाकर सैनिकों की नजर से किसी प्रकार बचते हुए क्रांतिकारी गुलाब सिंह लोधी पार्क में खड़े पर चढ़ गए और अपने कपड़ों में छुपे हुए तिरंगे को पैनैं में लगाकर पेड़ पर ही फहराते हुए भारत माता की जय, वन्दे मातरम् जैसे नारे लगाने लगे। पार्क के चारों ओर खड़ी भीड़ भी पूरे जोश से उद्घोष करने लगे। ब्रिटिश अधिकारियों ने देखा कि किसी क्रांतिकारी ने पेड़ पर चढक़र झण्डा फहरा दिया है। अपना अपमान समझते हुए सैनिकों को गोली चलाने का आदेश दिया। पेड़ पर चढ़े क्रांतिकारी गुलाब सिंह लोधी गोलियां लगने के साथ ही जमीन पर आ गिरे। 23 अगस्त 1935 को झण्डा फहराते हुए देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर अमर हो गए। ऐसे महान क्रांतिकारी वीर को हम सभी श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष रूप सिंह लोधी, सुदर्शन कुमार, मनोज बालियान, संजीव कुशवाहा, अतुल सचदेवा, दीपक यादव, सुभाष चन्द्र आदि उपस्थित रहे।



