विशेष विधि से बनाए गए बैंगल स्टैंड, मैकरम के शीशे, फ्लावर पोट, बैग पयर्टकों का लुभा रहे हैं

फरीदाबाद, 14 फरवरी। 34वें अंतरराष्टï्रीय सूरजकुंड मेले में वैसे से देश विदेश के हस्तशिल्पकारों की सैंकड़ों स्टाल है लेकिन अपनी विशेष कला और डिजायन के कारण कई स्टालें पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ऐसी ही स्टाल है कुल्लुआनी हिमाचल प्रदेश की अजंना की, जिस पर विशेष विधि से बनाए गए बैंगल स्टैंड, मैकरम के शीशे, फ्लावर पोट, बैग पयर्टकों का लुभा रहे हैं। स्टाल नंबर 225 की मालिक अजंना शर्मा बताती हैं कि अपने गांव कुल्लुआनी में पिछले आठ साल से यह कार्य कर है और सूरजकुंड मेले में वे पहली बार आई है। उन्होंने बताया कि यहां आने पर वे बेहद खुश है और पर्यटकों की पसंद की वजह से उनका सारा सामान भी हाथों हाथ बिक गया। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से उन्होंने कोशिश एक आशा तथा शिवानी गु्रप बनाए हुए है जिनमे प्राचीन हस्तकला को बचाने के साथ महिलाओं को गांव में ही रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ है। वे बताती है अखबार की रद्दी, वेस्ट मेटिरियल तथा बीयर की बोतलों से उन्होंने फ्लावार पोट, लंच बॉक्स तथा वॉल हेंगर बनाए है जो पर्यटकों को खूब पसंद आए। उन्हे पास 250 रूपये से लेकर दस हजार तक का सामान उपलब्ध है।

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