27 वर्ष से फरार हत्या का आरोपी गिरफ्तार, 5 दिन के पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी…

फरीदाबाद : जिलेभर में फरार एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत फरीदाबाद पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्या एवं हत्या के प्रयास के मामले में पिछले 27 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान सुरेश सिंह निवासी अमोघपुर भाटान, तहसील अलीगंज, जिला एटा (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सेक्टर-29, फरीदाबाद के रूप में हुई है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर कानून की गिरफ्त से बचता आ रहा था।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1999 में थाना मुजेसर क्षेत्र में आपसी विवाद के दौरान हुए झगड़े में एक व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मुजेसर में सुरेश सिंह सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध हत्या एवं हत्या के प्रयास की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद सुरेश सिंह फरार हो गया और लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा।
फरीदाबाद पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में पी.ओ. स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर समेर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में सहायक उप निरीक्षक प्रदीप कुमार, एएसआई सत्यप्रकाश, हवलदार संदीप कुमार, हवलदार शिवदत्त, सिपाही अनूप तथा सिपाही राकेश को शामिल किया गया। टीम ने पुराने रिकॉर्ड, तकनीकी सूचनाओं, स्थानीय स्तर पर जुटाई गई खुफिया जानकारी तथा लगातार निगरानी के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
21 जुलाई को पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर आने वाला है। जिस पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन के पास सुरेश सिंह को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय तक अपना ठिकाना बदलता रहा। पुलिस ने लगातार प्रयास, तकनीकी विश्लेषण और खुफिया तंत्र की सहायता से उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे मामले में विस्तृत पूछताछ, घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाने तथा फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों की जांच के लिए 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से घटना, फरारी के दौरान उसके ठिकानों, सहयोग करने वाले व्यक्तियों तथा अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी।



