नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अनुसार तुरंत कार्यवाही करें अधिकारी : पोलुशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव

- एनजीटी की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए
- जिस विभाग की जो भी जिम्मेदारी है उसे करें पूरा : डीसी विक्रम
फरीदाबाद, 22 सितम्बर। हरियाणा पोलुशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की हिदायतों के अनुसार जहां जरूरत हो वहां अर्जेंट एक्शन लेना सुनिश्चित करें। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल अधिकारी गंभीरता से पूरा करें।
पी राघवेंद्र राव आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जिस विभाग की जो भी जिम्मेदारी है उसे पूरा करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि डस्ट, सोलिड वेस्टमैनेज मैंट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सहित अन्य प्रदूषण फैलाने वाले क्षेत्र को कंट्रोल करना है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि अपने अपने विभागों के क्षेत्र को चिन्हित करके गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनवरी-2023 के बाद सीएनजी, ई रिक्शा वाले ऑटो ही एनसीआर के शहरों में चलेंगे।
डीसी विक्रम ने वीडियो कान्फ्रेंस के बाद एक एक करके विभागवार समीक्षा की।
समीक्षा के उपरान्त डीसी विक्रम अधिकारियो को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल प्राधिकरण एनसीआर में गम्भीरता से कार्य कर रहा है। विभागों के अधिकारी आपसी तालमेल करके बेहतर तरीके कार्यों को अमलीजामा पहनाने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि सर्विस रोड़, अपरोच रोड़ तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए उद्योगो में भी नियमानुसार पालना सुनिश्चित करें।
एनजीटी द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार जिला फरीदाबाद में नियमों की पालना करना सुनिश्चित करें। जो भी जिम्मेदारी जिस विभाग को मिली है उसे पूरी निष्ठा के साथ पूरा करना सुनिश्चित करें।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम 2010 के तहत पर्यावरण बचाव और वन संरक्षण और अन्य प्राकृतिक संसाधन सहित पर्यावरण से संबंधित किसी भी कानूनी अधिकार के प्रवर्तन और क्षतिग्रस्त व्यक्ति अथवा संपत्ति के लिए अनुतोष और क्षतिपूर्ति प्रदान करना और इससे जुड़े हुए मामलों का प्रभावशाली तथा तीव्र गति से निपटारा करने के लिए किया गया है। यह एक विशिष्ट निकाय है जो कि पर्यावरण विवादों बहु-अनुशासनिक मामलों सहित, सुविज्ञता से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तंत्रों से सुसज्जित है। यह अधिकरण 1908 के नागरिक कार्यविधि के द्वारा दिए गए कार्यविधि से प्रतिबद्ध नहीं है। लेकिन प्रकृतिक न्याय सिद्धांतों से निर्देशित है।
बैठक में एसडीएम परमजीत चहल, सीटीएम नसीब कुमार, आरटीए सचिव गहलोत, टीएम रोडवेज जितेन्द्र यादव, जिला प्रदूषण बोर्ड की जिला अधिकारी स्मिता कनोडिया, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी बी एंड आर प्रदीप सिन्धु सहित एमसीएफ, राष्ट्रीय राजमार्ग सहित बैठक से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



